नई दिल्ली : (मानवीय सोच) कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा ने विदेश यात्रा को लेकर लगाए नियमों और शर्तों के उल्लंघन को लेकर कोर्ट के सामने बिना शर्त माफी की पेशकश की है। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) का कहना है कि यात्रा शर्तों का उल्लंघन करने वाले रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए।
दिल्ली की एक अदालत ने इस मामले में सावधि जमा (FD) जब्त करने और बिजनेसमैन रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू करने के लिए प्रवर्तन निदेशायल की याचिका पर बुधवार को अपना आदेश गुरुवार तक के लिए सुरक्षित रख लिया है। 12 अगस्त को दिल्ली की एक अदालत ने रॉबर्ट वाड्रा को चार सप्ताह के लिए यूएई, स्पेन और इटली के रास्ते ब्रिटेन की यात्रा करने की अनुमति दी थी।
कोर्ट के सामने दाखिल एक हलफनामे में रॉबर्ट वाड्रा ने कहा है कि उन्होंने अनजाने में यह गलती की है और ‘दुबई के लिए’ लिखने के बजाय उन्होंने यात्रा की अनुमति लेने वाले अपने आवेदन में ‘दुबई के जरिए’ से लिखा। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों का सामना कर रहे रॉबर्ट वाड्रा फिलहाल जमानत पर हैं। कोर्ट ने उनको सशर्त विदेश यात्रा की अनुमति दी थी। दो दिन पहले ही दिल्ली की एक अदालत ने रॉबर्ट वाड्रा के दुबई में रुकने की दलील पर आपत्ति जताई थी।
वाड्रा ने कोर्ट के सामने दलील दी थी कि वह इस साल अगस्त में संयुक्त अरब अमीरात के रास्ते ब्रिटेन (यूके) की यात्रा के दौरान चिकित्सा आपात स्थिति के लिए दुबई में रहे। अदालत ने कहा कि यह उन्हें दी गई अनुमति के नियमों और शर्तों का उल्लंघन है। जिसके बाद कोर्ट ने रॉबर्ट वाड्रा को नोटिस जारी कर पूछा था कि कि 12 अगस्त के आदेश के अनुसार जमा की गई उनकी सावधि जमा रसीद (FDR) को आवेदक को दी गई अनुमति के नियमों और शर्तों का उल्लंघन करने के लिए क्यों नहीं जब्त किया जाए।
अपनी यात्रा से लौटने के बाद रॉबर्ट वाड्रा ने कोर्ट में जमा किए हलफनामे में कहा कि वह अपनी आगे की यात्रा शुरू करने से पहले यूएई में रुके थे क्योंकि बाएं पैर में डीप वेन थ्रॉम्बोसिस (DVT) था और उन्हें लंबी दूरी की उड़ानों के बीच उचित आराम करने की सलाह दी गई थी।
