यूपी (मानवीय सोच) मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग की पढ़ाई होगी। नए खुलने वाले राजकीय मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग इंस्टीट्यूट खोलना अनिवार्य होगा। यह घोषणा डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने शुक्रवार को की। इंदिरागांधी प्रतिष्ठान में शुक्रवार को लोहिया संस्थान के स्थापना दिवस समारोह में डिप्टी सीएम ने बीएससी नर्सिंग में दाखिले की आस में बैठे छात्र-छात्राओं को तोहफा दिया। गरीब छात्र-छात्राएं सरकारी संस्थानों से बीएससी नर्सिंग की डिग्री ले सकेंगे। इसके लिए प्रदेश के सभी राजकीय मेडिकल कॉलेजों में यह कोर्स शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2017 में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या 17 थी। वहीं निजी क्षेत्र के 25 मेडिकल कॉलेज थे। अब प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारी है। चार साल में 18 सरकारी मेडिकल कॉलेज खुले। अब कॉलेजों की संख्या 35 हो गई है। 30 निजी कॉलेज हो गए हैं।
डॉक्टर-कर्मचारियों की जिम्मेदारी बढ़ी
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा विभाग में डॉक्टर-कर्मचारियों के नए पद स्वीकृत हुए हैं। लोहिया संस्थान ने कम समय में प्रदेश में नया मुकाम हासिल किया है। डॉक्टर-कर्मचारियों की मेहनत का नतीजा है कि संस्थान आगे बढ़ रहा है। ऐसे में डॉक्टर-कर्मचारियों की मरीजों के प्रति जिम्मेदारी और बढ़ गई है। डॉक्टर मरीजों की सेवा करें। व्यवहार अच्छा रखें।
1000 बेड का अस्पताल बनेगा
निदेशक डॉ. सोनिया नित्यानंद ने वार्षिक रिपोर्ट पढ़ी। उन्होंने कहा कि छह माह में 51 डॉक्टरों की भर्ती हुई। आउटसोर्सिंग पर कर्मचारियों की भर्ती की गई। मरीजों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए 800 से 1000 बेड का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। अच्छे डॉक्टर तैयार करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में संस्थान के सीएमएस डॉ. राजन भटनागर, डीन डॉ. नुजहत हुसैन, पूर्व निदेशक डॉ. दीपक मालवीय, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विक्रम सिंह, न्यूरो सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. दीपक सिंह, रेडियोथेरेपी विभाग के अध्यक्ष डॉ. मधूप रस्तोगी, ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. वीके शर्मा, डॉ. एपी जैन, रेडियोलॉजी विभाग के डॉ. तुषांत समेत अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।
संस्थागत प्रसव 84 फीसदी, स्तनपान 24 प्रतिशत
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने प्रसव के बाद शिशुओं में स्तनपान में कमी पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि जागरूकता की वजह से अस्पताल में प्रसव बढ़ रहे हैं। मौजूदा समय में करीब 84 फीसदी प्रसव अस्पताल में हो रहे हैं। वहीं प्रसव के पहले घंटे में शिशु को स्तनपान कराने का आंकड़ा 24 फीसदी ही है। यह गंभीर चिंता की बात की है। इसके प्रति लोगों को जागरुक करने की जरूरत है। क्योंकि शिशु के जन्म के बाद शुरुआत पहले घंटे का दूध शिशु की सेहत के लिए अमृत है। डॉक्टर व नर्सों को भी इसमें एक कदम और आगे बढ़ाने की जरूरत है।
राज्यपाल ने कहा कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को डॉक्टर की सलाह पर जांच करानी चाहिए। इससे सुरक्षित प्रसव की उम्मीद बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि नए अस्पताल खोलने से ज्यादा सेहत के प्रति लोगों को जागरुक करने पर ध्यान होना चाहिए। स्वस्थ्य जीवनशैली के बारे में लोगों को बार-बार बताने की जरूरत है। महिलाएं और युवती भोजन पर अधिक ध्यान दें। राज्यपाल ने सदन में महिलाओं के लिए एक दिन तय होने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि सदन में महिला प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी।
100 बेड के अस्पताल में डॉक्टरों के लिए डिप्लोमा कोर्स चालू करें
100 बेड के अस्पताल में डॉक्टरों के लिए डिप्लोमा कोर्स चलाएं जाएं। डिप्लोमा नेशनल बोर्ड (डीएनबी) इन अस्पतालों में दो वर्षीय कोर्स के संचालन को लेकर आसानी से मान्यता भी देगा। यह सुझाव बंगलूरू में नारायण हृदयालय के माध्यम से बेहद सस्ती दर पर दिल के ऑपरेशन की सुविधा देने वाले पद्मभूषण डॉ. देवी प्रसाद शेट्टी ने दिए। लोहिया संस्थान के स्थापना दिवस समारोह में डॉ. देवी प्रसाद शेट्टी ने यूपी की स्वास्थ्य सेवाओं सुधार के बाबत ढेरों सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि आने वाले चार साल में स्वास्थ्य के क्षेत्र में यूपी देश में सबसे आगे बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड की तर्ज पर 100 बेड के अस्पतालों में डिप्लोमा कोर्स चालू करें। इससे अस्पतालों में रेजिडेंट डॉक्टरों की संख्या में इजाफा होगा। मरीजों को और बेहतर इलाज की राह आसान होगी। नर्सिंग व पैरामेडिकल पाठ्यक्रम भी हर अस्पताल में हो।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ऑपरेशन की संख्या की निगरानी करें। डॉ. शेट्टी ने बताया कि देश में सबसे ज्यादा 32.6 मिलियन मरीजों की मौत समय पर ऑपरेशन न होने से होती है। खाद्य पदार्थों के बाद सबसे बड़ी इंडस्ट्री चिकित्सा क्षेत्र की है। करीब 10 ट्रिलियन की इस इंडस्ट्री को ज्यादा से ज्यादा प्रशिक्षित लोगों की जरूरत है।
