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अंकिता के पिता बोले 25 लाख नहीं…दरिंदों की मौत चाहिए

देहरादून   (मानवीय सोच) अंकिता भंडारी के पिता वीरेंद्र भंडारी ने धामी सरकार के सामने आज एक मांग रखी है। कहा कि हमे 25 लाख रुपये नहीं चाहिए, बल्कि अंकिता के हत्यारों को मौत की सजा दी जानी चाहिए। सीएम धामी से सवाल पूछले हुए वीरेंद्र कहते है कि अगर ऐसे जघन्य आपके परिजनों के साथ होता तो आप क्या करते?

वीरेंद्र ने सीएम धामी से सवाल किया कि अगर अंकिता की जगह आपकी बहन या आपकी लड़की होती तो आप पर क्या बितती? धामी सरकार की ओर से 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता पर वह कहते हैं कि वह इससे संतुष्ट नहीं है। उनका साफतौर से कहना है कि ‘मौत के बदले मौत’ होनी चाहिए।

उनकी सरकार से मांग है कि अंकिता के हत्यारे को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। अंकिता के हत्यारे को मौत की सजा मिलनी चाहिए। मालूम हो कि इससे पहले अंकिता की मां ने भी जिला प्रशासन पर सवाल उठाए थे। आरोप लगाया था कि सरकार ने दबाब बनाते हए बिटिया का अंतिम संस्कार कर दिया था। मां ने सरकार से सवाल पूछा था कि शाम छह बजे कौन का अंतिम संस्कार किया जाता है?

अंकिता हत्याकांड के आरोपियों को मिले फांसी की सजा
अंकिता हत्याकांड के बाद लोगों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। लोगों द्वारा प्रदर्शन कर आरोपियों को फांसी की सजा दिए जाने की मांग उठाई जा रही है। शुक्रवार को आंगनबाड़ी कार्यकत्री, सेविका मिनी कर्मचारी संगठन ने अंकिता हत्याकांड के आरोपियों को फांसी की सजा दिलाए जाने की मांग को लेकर रैली निकाली।

रैली धारा रोड से बसस्टेशन, माल रोड, एजेंसी चौक, अपर बाजार से होते हुए डीएम कार्यालय पहुंची। यहां पर आक्रोशित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि अंकिता हत्याकांड से पूरे देश में आक्रोश बना है। कहा कि आरोपियों को जल्द ही फांसी की सजा सुनाई जाए। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने परिवार को जल्द न्याय दिलाए जाने की भी मांग उठाई।

इसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने एडीएम के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजकर जल्द ही आरोपियों को फांसी की सजा दिलाए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक आरोपियों को फांसी की सजा नही हो जाती है तब तक आंदोलन को जारी रखा जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में प्रांतीय संगठन मंत्री मीनाक्षी रावत, ब्लाक अध्यक्ष पौड़ी अर्चना रमोला, आदि शामिल थे।

इससे पहले, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पौड़ी जिले में श्रीनगर के डोभ श्रीकोट गांव पहुंचकर अंकिता के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया किअंकिता को न्याय दिलाने के लिए उत्तराखंड सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। कहा कि पूरी सरकार उनके साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फास्ट ट्रेक कोर्ट में सुनवाई कराते हुए अंकिता के हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।  परिजनों को बताया कि अंकिता हत्याकांड के मामले की जांच को डीआईजी पी रेणुका देवी के नेतृत्व में एक एसआईटी टीम गठित की गई है, जिसने अपनी जांच प्रारंभ कर दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हत्याकांड के तीनों आरोपितों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है और जांच में जिन भी लोगों की भूमिका संदेह के दायरे में है उन पर भी कानून सम्मत कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता की धनराशि भी प्रदान की।

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