कानपुर (मानवीय सोच) लड़कियों के सभी हॉस्टलों की जांच की जाएगी। सत्य साईं हॉस्टल में लड़कियों का अश्लील वीडियो बनाने की घटना के बाद पुलिस चेत गई है। सोमवार से शहर भर में संचालित हो रहे गर्ल्स हॉस्टल की जांच कराई जाएगी। इधर, शनिवार को एक भी लड़की विवेचक के सामने बयान दर्ज कराने के लिए पेश नहीं हुई
सत्य साईं हॉस्टल में अश्लील वीडियो बनाने के मामले में युवतियों ने हंगामा किया था। इसके बाद पुलिस ने वहां के कर्मचारी ऋषि, महिला वार्डन सीमा पाल और संचालक मनोज पाण्डेय को गिरफ्तार किया था। संचालक और वार्डन की जमानत हो गई व कर्मचारी को जेल भेज दिया गया। इस मामले की विवेचना कर रहीं इंस्पेक्टर इंदु यादव ने पीड़िता समेत अन्य युवतियों को शनिवार को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया था। मगर एक भी छात्रा नहीं पहुंची। विवेचक के मुताबिक छात्राओं के वर्चुअल बयान लिए जाएंगे।
हॉस्टल पहुंचीं कोई मिला नहीं
जब युवतियां विवेचक के पास नहीं पहुंची तो शनिवार दोपहर वह खुद हॉस्टल पहुंचीं। तब उन्हें पता चला कि हॉस्टल पूरी तरह खाली हो चुका है। छानबीन के दौरान रिसेप्शन समेत वार्डन रूम को खंगाला। लेकिन पूरे हॉस्टल में पुलिस को छात्राओं का जानकारी रजिस्टर गायब मिला।
वार्डन और संचालक ने किया फोन स्विच ऑफ
जांच अधिकारी इंदु यादव ने बताया कि छात्राओं की जानकारी के लिए वार्डन और हॉस्टल संचालक से संपर्क किया गया। लेकिन दोनों के मोबाइल स्विच ऑफ बता रहे हैं।
सुरक्षा मानकों की होगी जांच
पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड ने बताया कि इस घटना की गम्भीरता को देखते हुए शहर के सभी गर्ल्स हॉस्टल की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि इसकी जिम्मेदारी एडीसीपी अंकिता शर्मा और महिला थाना इंस्पेक्टर अर्चना सिंह को सौंपी गई है। सोमवार से टीम हॉस्टलों में विजिट करेगी और वहां के सुरक्षा मानकों को देखेगी।
