जम्मू (मानवीय सोच) जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने रविवार को कहा कि उधमपुर जिले में हाल ही में हुए दो विस्फोटों के पीछे पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी संगठन का हाथ है, जो केंद्रीय गृह मंत्री के दौरे से पहले यह दर्शाने के लिए किए गए कि केंद्रशासित प्रदेश में ‘‘सब ठीक नहीं है’. उन्होंने कहा कि तीन दिनों के भीतर एक आतंकवादी की गिरफ्तारी के साथ मामले का पर्दाफाश हो गया, जिसके पास से पांच और आईईडी बरामद किए गए. उन्होंने कहा कि बरामद आईईडी में से तीन इस्तेमाल के लिए तैयार चुंबक बम हैं.
पुलिस महानिदेशक ने संवाददाताओं से कहा कि पाकिस्तान विकास का दुश्मन और विनाश का प्रेमी है. पिछले 30 वर्षों में उस देश ने यही किया है. वह नहीं चाहेगा कि कोई विकास हो. निश्चित रूप से पाकिस्तान और उसकी एजेंसियां यह सुनिश्चित करती रही हैं कि घाटी में शांति नहीं बल्कि अशांति बनी रहे. अब चीजें बेहतर हो रही हैं और हर गुजरते दिन के साथ सुधार हो रहा है.” उनके साथ अतिरिक्त महानिदेशक, मुकेश सिंह, जम्मू और उधमपुर जिले के अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे. पुलिस प्रमुख ने कहा कि जब भी किसी बड़े व्यक्ति का दौरा होता है, तो आतंकवादी हमला करने के लिए बेताब हो जाते हैं.
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में समग्र सुरक्षा स्थिति में बड़ा बदलाव आया है, जैसा कि तथ्यों से साबित भी हुआ है. यह केवल दावों पर आधारित नहीं है. बहुत बड़ी संख्या में सफल अभियान किए गए हैं. हमने आतंकवाद रोधी अभियानों के दौरान अपने लोगों और उनकी संपत्तियों को सुरक्षित रखने के प्रयास किए हैं.” सिंह ने कहा कि सुरक्षा बलों को केंद्र शासित प्रदेश में लोगों का समर्थन प्राप्त है और क्षेत्र में सुरक्षा परिदृश्य चार साल पहले की तुलना में ‘‘आज काफी बेहतर” है.
महानिदेशक ने कहा कि इसलिए, हाई प्रोफाइल यात्रा या ऐसी कोई भी गतिविधि जो लोगों को सकारात्मक संदेश देती है, तभी सीमा पार आतंकवादी और उनके आका यह दर्शाने की कोशिश करते हैं कि सब ठीक नहीं है. 4 अक्टूबर से शुरू हो रहे अमित शाह के इस क्षेत्र के दौरे के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि अभी भी कुछ आतंकवादी बचे हैं और हमारे अभियान जारी हैं तथा हम उनसे जल्द ही निपट लेंगे.
