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मुख्तार अंसारी की करीबी डॉक्टर अलका राय का अस्पताल और संपत्ति कुर्क

मऊ  (मानवीय सोच)  माफिया मुख्तार अंसारी एम्बुलेंस केस में बड़ी कार्रवाई हुई है। मुख्तार अंसारी की करीबी अलका राय का मऊ में स्थित श्याम संजीवनी अस्पताल को कुर्क कर लिया गया है। बाराबंकी और मऊ की पुलिस ने सोमवार को संयुक्त कार्रवाई की। यूपी के बाराबंकी में रजिस्टर्ड नंबर की एम्बुलेंस से पंजाब की कोर्ट में मुख्तार अंसारी की पेशी के बाद मामला सामने आया था। जांच में पता चला कि एम्बुलेंस अलका राय के मऊ में स्थित अस्पताल श्याम संजीवनी के नाम से रजिस्टर्ड कराई गई है। इसी के बाद मुख्तार के अन्य करीबियों के साथ ही अलका राय पर भी पुलिस ने शिकंजा कसा था। अलका राय को भी गिरफ्तार कर गैंगस्टर में कार्रवाई की गई थी। 

गैगस्टर एक्ट के उसी मुकदमे में सोमवार को अलका राय की संपत्ति को कुर्क करने बाराबंकी से पुलिस टीम मऊ पहुंची थी। यहां मऊ की पुलिस टीम के साथ अस्पताल और उससे जुड़ी जमीन को कुर्क करने की कार्यवाही पूरी की गई। कुर्क की गई संपत्ति की कुल कीमत 2.65 करोड़ बताई जा रही है। अलका राय फिलहाल हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर हैं। 

मुख्तार पर ही केस का दांव नहीं आया काम

मुख्तार अंसारी को एम्बुलेंस देने के मामले में अपने ऊपर केस दर्ज होते ही अलका राय भी थाने पहुंची थी। उन्होंने पूरे मामले को अपने खिलाफ षडयंत्र बताते हुए मुख्तार अंसारी समेत कई लोगों के खिलाफ पुलिस से शिकायत करते हुए एफआईआर दर्ज करने की अपील कर दी थी। अलका राय ने मऊ शहर कोतवाली में मुख्तार अंसारी और अन्य के खिलाफ तहरीर देते हुए आरोप लगाया कि पिछले एक दशक से अधिक समय से वह विभिन्न सामाजिक कार्यों में अपनी सहभागिता निभा रही हैं।

कहा था कि वह भारतीय जनता पार्टी में भी सक्रिय कार्यकर्ता हैं। इसलिए उनके सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने के लिए राजनीतिक षणयंत्र के तहत गलत तरीके से एंबुलेंस मामले में मुकदमा दर्ज करके फंसाया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से लेकर उच्चाधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने के साथ ही मुख्तार अंसारी व उनके सहयोगियों तथा उनके प्रतिनिधि के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। 

बाराबंकी से कोई संबंध नहीं 

अलका राय ने बताया था कि मीडिया से पता चला कि एम्बुलेंस श्याम संजीवनी अस्पताल बाराबंकी के नाम से पंजीकृत है। उस पर मऊ के पते के नाम भी अंकित हैं। बाराबंकी में एक इंच भी भूमि या सम्पत्ति नहीं है और न ही बाराबंकी जनपद में कभी भी श्याम संजीवनी अस्पताल के नाम से कोई अस्पताल ही खोला था।

तहरीर में डॉ. अलका राय ने आरोप लगाते हुए कहा था कि एम्बुलेंस परिवहन विभाग बाराबंकी में मेरे नाम से पंजीकृत कही जा रही है। इस एम्बुलेंस के सम्बंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी न ही कभी मैंने या मेरे प्रतिनिधि ने किसी भी एम्बुलेंस की जनपद बाराबंकी में पंजीयन कराया था।

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