बलरामपुर (मानवीय सोच) बलरापुर जिले में राप्ती नदी की बाढ़ से भारी तबाही हुई है। लगभग 350 गांवों में बाढ़ का पानी घुसा है। लोग छतों पर शरण लिए हैं। जिनके पास पक्के मकान नहीं हैं, वे पड़ोसियों के घर रहने को मजबूर हैं। लगभग 75 हजार हेक्टेयर धान फसल पानी में तबाह हो गई है। जिले के सभी प्रमुख मार्गों पर आवागमन ठप हो गया है। बलरामपुर के कोतवाली नगर, तहसील परिसर, बिजली घर, रजिस्ट्री दफ्तर सहित कई मोहल्लों में बाढ़ का पानी घुसा है। बलरामपुर तुलसीपुर, उतरौला व बहराइच मार्ग पर आवागमन रोक दिया गया है। बिजली घर में पानी घुसने से नगर में बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है।
ग्रामीण इलाकों में लगभग 600 बाढ़ प्रभावित गांवों में बिजली आपूर्ति पिछले तीन दिनों बंद है। अति संवेदनशील गांवों से लोगों को बाहर निकालने का काम प्रशासन ने शुरू किया है। श्रीदत्तगंज के ग्राम चन्दापुर के पास बने बांध का लगभग 150 मीटर भाग कट गया है। नदी के कटान से बांध का काफी हिस्सा कटता जा रहा है। बांध के कटने से दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। हालात की गम्भीरता को देखते हुए जिलाधिकारी डा. महेन्द्र कुमार ने कटान प्रभावित बाढ़ ग्रस्त गांवों का रविवार को निरीक्षण किया। कटान से प्रभावित ग्रामीणों के लिए तत्काल राहत कार्य शुरू करने का निर्देश दिया।
बाढ़ ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। नगर के श्याम बिहार कालोनी, पहलवारा, सिविल लाइन, परिवहन निगम बस स्टेशन, बिजली घर, अचलापुर वार्ड, कोतवाली नगर, तहसील परिसर, रजिस्ट्री दफ्तर, पुरानी बाजार, टीटू सिनेमा, विजय टाकीज, बलरामपुर स्पोर्ट स्टेडियम व निबकौनी वार्ड में बाढ़ पानी का कहर है। लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। पहलवारा निवासी पूर्व राज्यमंत्री डा. एसपी यादव के घर में पानी घुसा है। श्याम बिहार कालोनी में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का काम शुरू हो गया है।
खमौवा व निबकौनी वार्ड का रास्त बंद हो गया है। बौद्ध परिपथ अन्तर्गत तुलसीपुर मार्ग स्थित चुंगी नाका के निकट सड़क पर चार फीट पानी बह रहा है। शारदा पब्लिक स्कूल के पास करीब पांच फीट पानी सड़क पर बह रहा है। नेशनल हाइवे पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया है। ललिया क्षेत्र का सम्पर्क नगर मुख्यालय से कट गया है। उतरौला व गौरा मार्ग पर आवागमन पर रोक लगा दी गई है। बलरामपुर-बहराइच मार्ग का आवागमन एसएसबी कैम्प के पास से बंद कर दिया गया है। वहीं गोंडा मार्ग पर भी आवागमन ठप है। सभी मार्गों पर पुलिस का कड़ा पहरा लगा हुआ है।
बलरामपुर देहात गांवों का हाल बेहाल है। जबदहा, जबदही, कलंदरपुर, पिपरा, जमालीजोत, ढोंढ़री, हरिहरगंज सहित 350 गांव के लोग छतों पर शरण लिए हुए हैं। इन सभी गांवों में बाढ़ पानी का कहर चरम पर है। लोग खाना बनाने से लेकर सोने तक सभी काम छतों पर करने को मजबूर हैं। तीन दिनों से बिजली न होने से लोगों से सम्पर्क टूट गया है। लोगों के फोन डिस्चार्ज हो गए हैं, जिससे वे किसी आपत स्थिति में आपदा के लिए फोन तक नहीं कर पा रहे हैं। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित गांवों में नावों की व्यवस्था कराई जा रही है। नगर क्षेत्र के सिविल लाइन मोहल्ला के बिजली घर में पानी घुसने से आधा नगर की बिजली व्यवस्था बंद कर दी गई है। लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। उतरौला मार्ग स्थित राजापुर भरिया जंगल के निकट पानी बहाव तेज होने से आवागमन रोक दिया गया है।
