फ्री राशन पर अच्छी खबर

वाराणसी   (मानवीय सोच) फ्री राशन के लाभार्थियों के लिए अच्छी खबर है। कोटे की दुकानों पर निशुल्क वितरण के लिए चावल आ चुका है।  कल यानी 14 अक्टूबर से इसका वितरण होगा। एक हफ्ते यानी 20 अक्टूबर तक चावल लिया जा सकता है। फिलहाल गेहूं का वितरण नही होगा। कोटेदार सुबह छह बजे से रात नौ बजे तक राशन का वितरण करेंगे। 

अधिकारियों के अनुसार 14 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत अगस्त माह का निःशुल्क चावल वितरित होगा। वाराणसी के जिलापूर्ति अधिकारी उमेश चन्द्र मिश्र ने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का निःशुल्क चावल अगस्त माह का शुक्रवार से उचित दर की दुकानों से वितरित किया जाएगा। यह वितरण बीस अक्टूबर तक होगा।

उन्होंने बताया कि अंत्योदय कार्ड व पात्र गृहस्थी के कार्ड धारक प्रति यूनिट पाच किलो चावल निःशुल्क प्राप्त करेंगे। जिले के सभी दुकानों पर चावल उपलब्ध है। कार्डधारक समय से चावल प्राप्त करे। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी कोटेदार करता है तो तुरंत शिकायत करें सख्त कार्रवाई की जाएगी। पूर्ति निरीक्षक सदर उदय राज ने कोटेदारों से कहा है कि 14 अक्टूबर से वितरण प्रारम्भ करे। सभी लोगों का ई पास मशीन चालू रहना चाहिए। अन्यथा वितरण में गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई की जाएगी।

राशन कार्डों का सत्यापन एक महीने में होगा पूरा

अन्त्योदय और पात्र गृहस्थी राशन कार्डधारकों के सत्यापन 30 दिनों में पूरा किया जाएगा। अपात्र लाभार्थियों का चिह्नांकन करते हुए उनका कार्ड निरस्त किया जाएगा और नए पात्र लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। इस संबंध में खाद्य आयुक्त मार्कण्डेय शाही ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और जिला पूर्ति अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

अपर खाद्य आयुक्त अनिल कुमार दुबे ने कहा कि लाभार्थियों के विवरण में समय के साथ परिवर्तन होता रहता है। कुछ लाभार्थी निर्धारित मानकों के अनुसार पात्रता श्रेणी में नहीं रह जाते हैं। उन्होंने बताया कि प्रचलित राशन कार्डों में अपात्र यूनिट भी सम्मिलित हैं। ऐसे अपात्र राशन कार्डधारकों के कार्डों का सत्यापन निरस्त कर, उनकी जगह पर नए पात्र लाभार्थियों को नियमानुसार कार्ड जारी किया जा रहा है।

सत्यापन के समय परिवार के सदस्यों की संख्या, उनकी आयु, निवास स्थान आदि विवरण का समावेश राशन कार्ड डाटाबेस में किया जाता है। इस संबंध में कुछ कार्डधारकों की मृत्यु या उनकी आर्थिक स्थिति में बदलाव के कारण संबंधित कार्डधारकों के अपात्र होने की सम्भावना बनीं रहती है। सत्यापन करने की व्यवस्था उत्तर प्रदेश आवश्यक वस्तु (विक्रय एवं वितरण नियंत्रण का विनियमन) आदेश 2016 में दी गई है।

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