मुरादाबाद (मानवीय सोच) फिर एक पुलिसिया मुठभेड़ हुई है। इसकी भी वैसी ही कहानी है, जैसी पहले सामने आ चुकी हैं। भले ही किरदार बदल गए, लेकिन कहानी नहीं बदली। इस बार भी बदमाश के पैर में गोली लगी और पुलिस कर्मियों को बुलेट छू कर निकल गई। इस मुठभेड़ में भी पुलिस का निशाना अचूक साबित हुआ है। वहीं उत्तराखंड के भरतपुर गांव में मुरादाबाद पुलिस टीम पर हमला कर फरार हुए खनन माफिया जफर को शनिवार को पुलिस ने गिरफ्तार तो कर लिया, लेकिन अभी कई सवाल अधूरे रह गए हैं। जिस जफर की तलाश में पुलिस की पंद्रह टीमें लगी थीं, वह बॉर्डर सील होने के बावजूद बाइक दौड़ाकर 67 किलोमीटर दूर पाकबड़ा अगवानपुर-बाईपास स्थित कैलसा मोड़ तिराहे तक कैसे पहुंच गया?
केस एक
कटघर थानाक्षेत्र की एकता कॉलोनी में जुलाई 2020 में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान पुलिस कर्मियों ने आत्मरक्षा में फायरिंग की तो गोली बदमाश के पैर में लगी और वो घायल हो गया।
केस दो
मैनाठेर थानाक्षेत्र में चौदह जुुलाई 2020 पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई थी। जिसमें पैर में गोली लगने से दस हजार का इनामी बदमाश घायल हो गया था।
केस तीन
पाकबड़ा में 18 जून 2020 पुलिस ने दिल्ली के गैंगस्टर के पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया था। गैंगस्टर दिल्ली में अपने साथी की हत्या करने के बाद भाग कर पाकबड़ा में आ गया था। यहां आरोपी नाम छिपाकर रह रहा था।
केस चार
सिविल लाइंस थानाक्षेत्र के अगवानपुर में जनवरी 2021 में बदमाशों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई थी। पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई थी। जिससे बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गया था। इस दौरान एक सिपाही घायल हो गया था।
चार महीने में पाकबड़ा में एक-एक लाख के दो इनामी से हुईं मुठभेड़
चार महीने के अंतराल में ही पाकबड़ा में एक-एक लाख के दो इनामी बदमाशों से पुलिस की मुठभेड़ हो चुकी है। सोलह जून 2022 को पाकबड़ा में ही हिस्ट्रशीटर फहीम उर्फ एटीएम से पुलिस की मुठभेड़ हुई थी। कांठ थानाक्षेत्र के ऊमरी कलां निवासी हिस्ट्रीशीटर फहीम उर्फ एटीएम पांच मई 2022 को पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था। एडीजी बरेली जोन ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
छह थाने, दस चौकियां और बारह पिकेट की सुरक्षा भेद 67 किमी दूर पहुंचा जफर
जिस जफर की तलाश में पुलिस की पंद्रह टीमें लगी थीं, वह बॉर्डर सील होने के बावजूद बाइक दौड़ाकर 67 किलोमीटर दूर पाकबड़ा अगवानपुर-बाईपास स्थित कैलसा मोड़ तिराहे तक पहुंच गया। इस दौरान रास्ते में छह थाने, दस चौकियां और बारह पिकेट पड़ी, लेकिन उसे कहीं रोका नहीं गया।
नाटकीय अंदाज में जफर उत्तराखंड में पुलिस के हाथ से निकल गया
शनिवार सुबह करीब सवा पांच बजे नाटकीय अंदाज में मुठभेड़ में पकड़ा गया जफर बुधवार रात उत्तराखंड के भरतपुर स्थित भुल्लर के आवास में पुलिस के हाथ से निकल गया था। इसके बाद से मुरादाबाद पुलिस की दस टीमें और बरेली जोन की पांच टीमों के अलावा एसटीएफ भी उसकी तलाश में जुटी थी। शनिवार को मुरादाबाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आने की वजह से एक दिन पहले ही उत्तराखंड बॉर्डर सील कर हर संदिग्ध व्यक्ति की चेकिंग के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा था।
जफर बिना नंबर प्लेट की बाइक से उत्तराखंड से यूपी की सीमा में हुआ दाखिल
पूरे जिले में सुरक्षा के कड़ी चौकसी के बंदोस्त किए थे। बावजूद इसके जफर बिना नंबर प्लेट बाइक से उत्तराखंड से यूपी की सीमा में दाखिल हुआ और वो हेलमेट पहनकर ठाकुरद्वारा, डिलारी, भोजपुर, सिविल लाइंस के बाद पाकबड़ा थानाक्षेत्र तक पहुंच गया। इस दौरान उसे रास्ते में दस चौकियां और बारह पिकेट भी पड़ी। बावजूद इसके उसे न तो किसी ने रोका न ही टोका। पाकबड़ा थाने के अलावा अन्य थानों की पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ने की कोशिश की तो जफर ने फायरिंग कर दी। जिसके बाद पुलिस ने पैर में गोली मारकर उसे पकड़ लिया।
दो किलोमीटर के बाद जफर पार कर जाता जनपद का बॉर्डर
जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह जिस जगह पुलिस और जफर के बीच मुठभेड़ हुई है। वहां से मात्र दो किलोमीटर की दूरी पर गिदौड़ा गांव है। ये गांव मुरादाबाद का अंतिम गांव है। इसके बाद अमरोहा जनपद की सीमा शुरू हो जाती है। अगर जफर यह तिराहा भी पार कर जाता तो वह दूसरे जनपद की सीमा में घुस सकता था।
