ISI के इशारे पर काम करने वाले खालिस्तानी आतंकियों के 4 शॉर्प शूटरों को पुलिस ने दबोचा

नई दिल्ली: (मानवीय सोच)  दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर काम कर रहे खलिस्तानी आतंकियों लांडा हरिके और हरविंदर रिंदा से जुड़े 4 शार्पशूटरों को गिरफ्तार किया है. इनके पास से 5 चाईनीज़ एचई ग्रेनेड MP-5 और AK -47 असाल्ट राइफल और 9 सेमीऑटोमेटिक पिस्टल बरामद की, जो पाकिस्तान से ड्रोन से पंजाब भेजी गई थी. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट के डीसीपी मनीषी चंद्रा के मुताबिक 24 सितम्बर 2022 को सराय काले खां इलाके से गैंगस्टर लखविंदर उर्फ मतरू को पकड़ा गया और इस ऑपेरशन की शुरुआत हुई.

इस मामले में पूछताछ के बाद 13 अक्टूबर 2022 को दूसरे अपराधी गुरजीत उर्फ गौरी को आईएसबीटी बस अड्डे से पकड़ा गया. आरोपी गुरजीत ने बताया कि खालिस्तानी आतंकी लखवीर सिंह लांडा और हरविंदर रिंदा के लिए सीमा पार से बड़े ऑपेरशन हर्मेन्द्र और सुखदेव उर्फ सूखा देख रहे हैं. इन दोनों को मोगा पंजाब से पकड़ा गया ,इसी बीच एक विशेष सूचना पर पंजाब के साथ जॉइंट ऑपेरशन में अमृतसर के एक होटल से इसी सिंडिकेट के 3 और लोगों को पकड़ा गया. उनके पास एक AK-47 राइफल और 3 पिस्टल बरामद और कारतूस बरामद हुए

गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि हाल ही में,पाकिस्तान से कई ड्रोन ड्रॉपिंग को हर्मेन्द्र और सुखा द्वारा अंजाम दिया गया, और ड्रोन के जरिये जो हथियार आये उनमें केवल एक खेप जिसमें एके -47 राइफल और एमपी -5 असाल्ट राइफल एचई ग्रेनेड और स्टार -बेरेटा पिस्टल बरामद हुई. इसी बीच खूंखार दीपक उर्फ ​​टीनू मानसा पुलिस की गिरफ्त से फरार हो गया था. राजस्थान के अजमेर जिले के केकरी से दीपक उर्फ ​​टीनू को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से 5 चीनी एचई ग्रेनेड और 2 पिस्टल सहित कई कारतूस बरामद किये गए.

टीनू के पास जो हथियार मिले वो भी ड्रोन के जरिये पाकिस्तान से आये थे. स्पेशल सेल के पिछले ऑपरेशन में एक एसके खरौद को गिरफ्तार किया गया था जो हरविंदर उर्फ ​​रिंदा का करीबी सहयोगी है. जांच के दौरान यह पाया गया कि एसके खरौद गोल्डी बरार – काला राणा – लॉरेंस बिश्नोई नेक्सस से भी जुड़ा था क्योंकि वह काला राणा मुहैया कराए ठिकाने का उपयोग कर रहा था और एक तरफ रिंदा और दूसरी तरफ गोल्डी बरार के साथ एन्क्रिप्टेड चैट प्लेटफॉर्म से जुड़ा था.

एसके खरौद के पास से बरामद हथियार भी चीनी ऑर्डिनेंस कार्पोरेशन ग्रुप द्वारा निर्मित थे. पूछताछ में खुलासा हुआ है कि पकड़ा गया एक गैंगस्टर  लखविंदर इटली भगाने की फिराक में था. जिसे कनाडा और पाकिस्तान में बैठे मददगारों ने फर्जी पासपोर्ट मुहैया करवाया था. वेस्ट बंगाल से यह फर्जी पासपोर्ट बनबाया गया था. पाकिस्तान से आई हथियारों की खेप रिन्दा लॉरेश गोल्डी बराड़ और बमबीहा गैंग को भी सप्लाई करता था यानी आतंकी रिन्दा पाकिस्तान ISI ने भारत के इस वक्त के सबसे बड़े दो गैंगस्टर खेमे भी सेंध लगाई है जिसके सबूत पहले भी सामने आते रहे हैं.

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