राजस्थान (मानवीय सोच) भीलवाड़ा जिला कई दिनों से चर्चा में है। एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया कि इस जिले में आठ साल से कम उम्र की लड़कियों को स्टांप पेपर पर समझौता कर बेचा गया है। साथ ही विवाद से निपटने के लिए एक जाति विशेष की महिलाओं के साथ रेप करने का फरमान जारी किया गया। रिपोर्ट आने के ठीक दो हफ्ते बाद NCPCR की अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने यह दावा किया है कि भीलवाड़ा से कुल 27 लड़कियां बाहर भेजी गई हैं।
भीलवाड़ा अपडेट!
पीड़िता के गाँव में आने पर पता चला कि पूरा परिवार गाँव में नहीं है,उसके परिवार में अन्य लड़कियाँ भी हैं जो गाँव में नहीं मिलीं 2019 कांड की मुख्य सरग़ना का गाँव भी यही है।
अभी तक कुल 27 बच्चियों के बारे में पता चला है जिन्हें गाँव से बाहर भेजा गया है,जाँच जारी है। https://t.co/4XAvwKPnJa— प्रियंक कानूनगो Priyank Kanoongo (@KanoongoPriyank) November 7, 2022
प्रियंक कानूनगो ने ट्वीट कर कहा कि ‘पीड़िता के गांव में आने पर पता चला कि पूरा परिवार गांव में नहीं है, उसके परिवार में अन्य लड़कियां भी हैं जो गांव में नहीं मिलीं। 2019 कांड की मुख्य सरगना का गांव भी यही है। अभी तक कुल 27 बच्चियों के बारे में पता चला है जिन्हें गाँव से बाहर भेजा गया है, जांच जारी है।’
दौरा करने के बाद प्रियंक ने मीडिया से बताया कि आज तीन गांव ईटून्दा, धौद और रजवास के साथ-साथ चार स्कूलों का दौरा किया। इस दौरान आंगनबाड़ी में काम करने वालों, राशन डीलर की दुकान, एएनएम, सरपंच, ग्राम पंचायत सचिव आदि से बात भी की। प्रियंक कानूनगो ने यह भी कहा कि एक जाति विशेष के लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। उनके पास जॉब कार्ड है लेकिन उन्हें मनरेगा में पिछले डेढ साल से काम नहीं मिला। उन्होंने प्रशासन पर भी लापरवाही का आरोप लगाया। इसके बाद उन्होंने प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारियों के साथ बैठक कर इन लड़कियों का पता लगाने के निर्देश दिया।
इससे पहले एनएचआरसी और राजस्थान राज्य महिला आयोग की एक टीम ने गांव का दौरा कर रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद पूर्व डीजीपी एमएल लाठेर ने कहा कि पुलिस लगातार निगरानी कर रही है और महिलाओं और नाबालिगों की तस्करी को लेकर संवेदनशील जगहों पर खुफिया जानकारी जुटा रही है
