कार्तिक पूर्णिमा पर 30 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई सरयू नदी में डुबकी

अयोध्या:  (मानवीय सोच)  कार्तिक पूर्णिमा पर मंगलवार को करीब 30 लाख श्रद्धालुओं ने अयोध्या की सरयू नदी में डुबकी लगाई। सरयू स्नान सोमवार को सायं 3.37 बजे से शुरू हुआ जो मंगलवार को 3.33 बजे तक जारी रहा। इस बीच चंद्रग्रहण मंगलवार को 5.10 बजे- 6.19 बजे तक लगने से मंदिर के कपाट सूतक के कारण 9 घंटे पहले लगा और मंदिर के कपाट सुबह 8.10 बजे से बंद कर दिए गए। इसके बाद सरयू स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को मंदिरों में दर्शन के लिए मंदिरों के कपाट खुलने तक का इंतजार करना पड़ा।

राम जन्म भूमि, हनुमानगढ़ी, कनक भवन, नागेश्वरनाथ मंदिर समेत अयोध्या के सभी मंदिरों पर ग्रहण का असर दिखा। इस दौरान सरयू तीर्थ पुरोहित रामाधार पांडे ने कार्तिक पूर्णिमा और चंद्र ग्रहण को लेकर जानकारी दी। वहीं अयोध्या की एसपी सिटी मधुबन सिंह ने बताया कि मेले में सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। संपूर्ण मेला क्षेत्र को 6 जोन बांटा गया है।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक 30 लाख श्रद्धालुओं ने दो दिनों के बीच सरयू स्नान किया। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में विराजमान राम लला मंदिर के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि मंदिरों की साफ-सफाई और धुलाई कर भगवान की भोग आरती, करने के बाद श्रद्धालुओं के लिए मंदिरों के पट खुले हैं। हालांकि कि प्रशासन के अनुरोध पर मंदिरों को रात्रि 1:30 पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए थे. सुबह 8:10 तक मंदिर में श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। उसके बाद सूतक लगने की वजह से मंदिर बंद कर दिए गए थे।

सारे पाप धुल जाते हैं -सरयू स्नान करने पहुंचे रवि कुमार मिश्र ने कहा कि भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए दो परिक्रमा कर कार्तिक पूर्णिमा पर सरयू स्नान करने से सारे पाप धुल जाते हैं।लोग रोग मुक्त हो जाते हैं यही मान्यता है, जिसको लेकर सरयू स्नान करने आए हैं। वहीं सरयू तट के पुरोहित राम आधार पांडे ने कहा कि एक माह से हजारों की संख्या महिलाएं पुरूष यहां रहकर कल्पवास करते हैं। उसके बाद पूर्णिमा पर स्नान करने के बाद कल्पवास समाप्त होता है।ऐसे में कार्तिक पूर्णिमा के स्नान के लाभ से सारे कष्ट दूर होते हैं। यह स्नान धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है। इसी आस्था का ही प्रभाव है कि 25 से 30 लाख श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे हैं। कार्तिक पूर्णिमा स्नान के साथ ही कार्तिक पूर्णिमा मेले का समापन हो गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *