ताजमहल के अगल-बगल के कारोबारियों को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट बोला- नहीं हटेंगी दुकानें

आगरा:  (मानवीय सोच)   सुप्रीम कोर्ट ने आगरा के ताजगंज इलाके के व्यापारियों को बड़ी राहत दी है। ताजमहल के 500 मीटर के दायरे में व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने के फैसले को वापस लेते हुए व्यापारियों के फेवर में आदेश दिया है। कोर्ट के आदेश के बाद रोजी रोटी पर संकट आने से गम में डूबे व्यापारियों के चेहरों पर खुशी की लहर है। ताजगंज में जगह-जगह ढोल नगाड़े बज रहे और मिठाइयां बंटने लगी हैं। न्यायालय ने एडीए को सभी नोटिस वापिस लेने के आदेश दिए हैं।

अब आगरा विकास प्राधिकरण को सभी नोटिस वापस लेने होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में ताजमहल के 500 मीटर परिधि में व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने के आदेश दिए थे। न्यायालय के आदेश के बाद ताजगंज व्यापारियों ने लगातार आंदोलन किया था। सुप्रीम कोर्ट में आदेश को लेकर दोबारा सुनवाई की अपील की थी। ताजगंज व्यापारियों की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखने के बाद कोर्ट ने अपने आदेश को वापस लेते हुए व्यापारियों के फेवर में आदेश दिया।

इस खबर से ताजमहल के आसपास के इलाके में व्यवसाय करने वाले तीन हजार कारोबारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। सुप्रीम कोर्ट ने 26 सितंबर को ताजमहल की बाउंड्री वाल से 500 मीटर की परिधि में सभी व्यवसायिक गतिविधियों को बंद करने के आदेश दिए थे। इसके बाद आगरा विकास प्राधिकरण ने प्रतिबंधित क्षेत्र का सर्वे कराया है, जिसमें करीब एक हजार व्यवसाय चिह्नित हुए। इसके अलावा कई दुकानें और प्रतिष्ठान ऐसे भी मिले जो कि घरों से संचालित हो रहे थे। एडीए ने 17 अक्टूबर तक प्रतिबंधित क्षेत्र में व्यापार करने वालों कारोबार बंद करने के नोटिस जारी कर दिए थे।

जनवरी में बंद होंगे प्रतिष्ठान
आगरा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष चर्चित गौड़ ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में कार्य किया जा रहा है। ताजमहल के 500 मीटर के दायरे में आने वाले सभी व्यवसायिक गतिविधियों को बंद किया जाएगा। विधिक राय लेने के बाद कारोबारियों को 3 महीने की छूट दी गई है। 17 जनवरी तक सभी को अपने व्यवसाय बंद करने होंगे। अगर इस बीच कोर्ट से इस मामले में कोई अन्य आदेश आता है तो उस पर अमल किया जाएगा।

दिवाली पर मिलीं खुशियां
आगरा प्रशासन से मिली तीन महीने की ढील के बाद कारोबारियों के चेहरे खिल उठे हैं। उनका कहना है कि एडीए के नोटिस के बाद लगातार की गई भागदौड़ से उन्हें अच्छा नतीजा मिला है। अब वे दिवाली मना सकेंगे। ताजगंज वेलफेयर फाउंडेशन के अध्यक्ष नितिन सिंह का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में उनकी याचिका मंजूर कर ली गई है। तीन महीने के मिले समय में वे कोर्ट में अपना पक्ष रखने की तैयारियां कर सकेंगे। उन्हें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट से राहत जरूर मिलेगी।

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