US वीजा चाहने वाले भारतीयों के लिए गुड न्यूज

नई दिल्ली  (मानवीय सोच) अमेरिकी वीजा की चाहत रखने वाले भारतीयों के लिए खुशखबरी है। एक तरफ जहां वीजा के लिए वेटिंग पीरियड कम किया जा रहा है। वहीं, एक लाख नए वीजा स्लॉट भी खोले गए हैं। इस दिशा में कुछ अहम कदम उठाए जा चुके हैं और नियमों में बदलाव किए गए हैं। इसके अलावा एच और एल वर्क वीजा के लिए 100,000 स्लॉट भी खोले गए हैं। अमेरिकी एंबेसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बारे में जानकारी दी है। इस साल अमेरिका ने भारतीय छात्रों को 82,000 स्टूडेंट वीजा जारी किया है। इसके बाद अगली प्राथमिकता अन्य वीजा से जुड़े वेटिंग पीरियड को खत्म करनी है। इनमें एच और एच कैटेगरी के अनिवासी वर्क वीजा के साथ प्रतिष्ठित एच-1बी वीजा, बी-1 बिजनेस वीजा, बी-2 टूरिज्म वीजा और शिपिंग व एयरलाइंस कंपनियों के क्रू के लिए वीजा भी शामिल हैं। 

पहले क्लियर होगी पेंडेंसी
अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि अमेरिका शुरुआत में इन श्रेणियों में अप्लाई करने वालों पर आक्रामक ढंग से फोकस करेगा। इसके लिए ड्रॉप बॉक्स सुविधा का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा फर्स्ट टाइम अप्लाई करने वालों से पहले उन्हें तरजीह दी जाएगी उन्हें पहले वीजा दिया जा चुका है। इंटरव्यू क्लियर करने वाले सभी लोगों को वीजा जारी किया जाएगा। अधिकारी के मुताबिक कोशिश हो रही है कि वेटिंग पीरियड जितना हो सके कम किया जाए। साल 2023 के जून-जुलाई तक इस लक्ष्य को पूरा करने की कोशिश रहेगी। इसके अलावा प्राथमिकता अमेरिका में मौजूद एच-1बी वीजा होल्डर भारतीयों को दी जाएगी, जो परिवार से मिलने के लिए देश आना चाहते हैं। इसके बाद पहली बार अप्लाई करने वालों पर फोकस किया जाएगा। 

बढ़ा रहे कर्मचारी
अमेरिकी सरकार के अन्य विभागों से इतर, वीजा जारी करने वाला ब्यूरो ऑफ कॉन्सुलर अफेयर्स खुद से रेवेन्यू जेनरेट करता है। कोरोना के चलते वीजा ऑपरेशन और रेवेन्यू में कमी आई है, इस वजह से विभाग में कर्मचारियों की संख्या भी कम करनी पड़ी थी। इसलिए भारत समेत अन्य देशों से वीजा अप्लीकेशन में इजाफा होने के बाद यह विभाग अपने यहां कर्मचारियों की संख्या में बढ़ोत्तरी करेगा। अधिकारी ने बताया कि विदेशों में विभाग के कर्मचारियों की संख्या में इजाफा होने में थोड़ा वक्त लगेगा। भारत में गर्मियों तक स्टाफ 100 परसेंट हो जाएगा। अमेरिका भी इस कोशिश में लगा हुआ है। इसके लिए अस्थायी कर्मचारियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। साथ ही भारतीयों के अप्लीकेशंस को प्रोसेसिंग के लिए रिमोट लोकेशंस पर भेजा जा रहा है, खासतौर पर उनके जो ड्रॉप बॉक्स फैसिलिटी का इस्तेमाल कर रहे हैं।

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