कानपुर (मानवीय सोच) आगजनी की घटना में भाई रिजवान के साथ नामजद हुए सपा विधायक इरफान सोलंकी मीडिया के सामने ही फूट-फूट कर रोए और सीएम योगी से न्याय की गुहार लगाई। अब उनकी पत्नी नसीम मीडिया के सामने आईं और पति पर लगे आगजनी के आरोपों को गलत बताया। नसीम ने कहा कि एक वीडियो दिखाते हुए दावा किया कि जिस झोपड़ी को जलाने का आरोप उनके पति पर लगाया जा रहा है वह आतिशबाजी से जली थी। 6 मिनट के वीडियो में प्लाट के आसपास बच्चे पटाखे जलाते हुए दिखाई दे रहे हैं। नसीम का कहना है कि आग पटाखों से ही लगी है।
इस दौरान आसपास उनके घर या परिवार का कोई सदस्य नहीं था। यह वीडियो प्लाट के सामने स्टार टेनरी के मालिक के घर के लगे सीसीटीवी में कैद हुआ है। आगजनी का आरोप लगा रही महिला को लेकर कहा कि जो महिला उसे अपना कह रही है, वह रिजवान सोलंकी के नाम है। महिला ने कब्जा किया हुआ है और परेशान कर रही है। पति इरफान सोलंकी की तरह पत्नी नसीम ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पुलिस कमिश्नर से न्याय की गुहार लगाई। कहा कि उनके पति और परिवार को परेशान किया जा रहा है।
यह है पूरा मामला
सपा विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान सोलंकी के खिलाफ जाजमऊ थाना में आगजनी और जान से मारने की धमकी देने की एफआईआर दर्ज की गई है। 181 डी डिफेंस कालोनी जाजमऊ निवासी नजीर फातिमा ने मंगलवार को सपा विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान सोलंकी के खिलाफ एफआईआर लिखवाई थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि दोनों उनके प्लॉट पर कब्जा करना चाहते हैं और प्रताड़ित कर रहे हैं।
एफआईआर में नजीर ने यह भी आरोप लगाया कि दोनों भाई झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहे हैं और प्लॉट कब्जाने के लिए साजिश के तहत हत्याएं भी कराई हैं। नजीर ने बताया कि सोमवार सात नवम्बर को वह अपने परिवार के एक शादी समारोह में गई थीं। पीछे से सपा विधायक, उनके भाई रिजवान सोलंकी व उनके सहयोगियों ने नजीर के घर में आग लगा दी।
उनकी गृहस्थी का सामान, जेवरात कपड़े जलकर राख हो गए। इस घटना के बाद पुलिस ने मंगलवार रात विधायक व उनके भाई के खिलाफ धारा 436 ( गृह आदि नष्ट करने के आशय से आग या विस्फोटक का इस्तेमाल करना) और 506 (जान से मारने की धमकी देना) की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की।
दबिश देने पहुंची पुलिस
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद एडीसीपी ईस्ट बृजेश श्रीवास्तव की अगुवाई में 15 थानों की पुलिस फोर्स ने विधायक के डिफेंस कॉलोनी स्थित आवास पर छापेमारी की। पुलिस बल दोनों को गिरफ्तार करने गया था लेकिन दबिश से पहले ही विधायक और उनके भाई निकल गए। उनकी लोकेशन बुधवार को लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में मिली।
विधायक ने रोते हुए सीएम योगी से लगाई गुहार
पुलिस की दबिश के बाद सपा विधायक इरफान सोलंकी सपा कार्यालय पर पहुंचे और मीडिया के सामने रोतो हुए खुद को बेकसूर बताया। उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा- महाराज जी हमें बचाइए।कहा कि मेरी पत्नी को कहा कि विधायक नहीं मिले तो तुम्हारे बेटे को उठा ले जाएंगे। कहा कि मेरे बच्चों के साथ जुल्म ज्यादती हुई। बच्चों के सामानों को भी पुलिस ने फेंक दिया।
लापरवाही में एसओ निलम्बित, बढ़ाई धाराएं
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक जाजमऊ पुलिस ने इस मामले में लापरवाही बरती। सात नवम्बर को आगजनी के बाद नजीर ने तहरीर दे दी थी मगर पुलिस ने ध्यान नहीं दिया। उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद आठ नवम्बर की रात आठ बजे एफआईआर दर्ज की गई। उसमें भी तहरीर के आधार पर धाराएं नहीं लगाई गईं। इसे पुलिस कमिश्नर ने गम्भीरता से लिया और उन्होंने एसओ जाजमऊ को निलम्बित कर दिया। इसके बाद बुधवार को एफआईआर में बयान के आधार पर बलवा, रंगदारी, धमकाने, षड्यंत्र रचने आदि आधा दर्जन धाराएं बढ़ाई गईं।
