वाराणसी (मानवीय सोच) उत्तर प्रदेश के वाराणसी में काशी तमिल संगमम का आयोजन हो रहा है. इस आयोजन में तमिलनाडु के अलग-अलग जिलों से 2500 डेलिगेट्स काशी आएंगे. 12 अलग- अलग ग्रूप में इन मेहमानों को काशी लाया जाएगा. एक महीने तक ये डेलिगेट्स काशी में यहां की संस्कृति, कला और विकास मॉडल को करीब से देखेंगे और यूपी का ब्रांड एम्बेसडर बन दक्षिण में इसका प्रचार करेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस आयोजन में 19 नवंबर को शामिल होने के लिए यहां आ रहे हैं.
वाराणसी में होने वाले इस आयोजन को जानकार राजनीतिक लिहाज से भी बेहद अहम बता रहे हैं. पॉलिटिकल एक्सपर्ट का ऐसा मानना है कि दक्षिण में राहुल गांधी के भारत जोड़ो यात्रा को बीजेपी का ये काशी तमिल संगमम जवाब देगा और इसका फायदा भी बीजेपी को दक्षिण भारत में आने वाले चुनावों में मिल सकता है. वरिष्ठ पत्रकार ए के लारी ने बताया की वैसे तो ये सरकारी आयोजन है जो दो राज्यों के संस्कृति और कला का समागम है. लेकिन इससे आने वाले चुनाव खास कर 2024 में बीजेपी को फायदा हो सकता है.
2500 मेहमान होंगे शामिल
वाराणसी के डीएम एस राजलिंगम ने बताया कि इस एक महीनें के आयोजन में दोनों राज्यों के संस्कृति, कला का समागम है जिसमें 12 ग्रूप में करीब 2500 मेहमान तमिलनाडु से काशी आएंगे. इनमें शिक्षक, छात्र, विद्वान, कलाकार, किसान शामिल होंगे. इस दौरान काशी में वहां की सभ्यता और संस्कृति दिखेगी तो वहां के लोग यहां के कल्चर से भी सीधे रूबरू होंगे. जो यहां काशी विश्वनाथ धाम, सारनाथ, घाटों के अलावा विभिन्न जगहों का दीदार करेंगे और दक्षिण में यूपी का ब्रांड अम्बेडकर बनेगे. यहां के विकास मॉडल की जानकारी अपने राज्य के साथ अपने समाज को देंगे.
काशी में तमिलनाडु के होगा एहसास
वाराणसी में इस आयोजन से लोगो को काशी में तमिलनाडु के एहसास भी होगा. वहां के खान पान के साथ संस्कृति की झलक यहां देखने को मिलेगी, जिससे दोनों राज्यों के बीच संबंध और भी मजबूत होंगे.
