लखनऊ (मानवीय सोच) प्रवर्तन निदेशालय ने शाइन सिटी कंपनीज ग्रुप की 31.24 करोड़ रुपये की संपत्ति संबद्ध की है। यह कार्रवाई प्रिवेंशन आफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत की गई है। उक्त ग्रुप द्वारा मल्टी-लेवल मार्केटिंग नेटवर्क के माध्यम से प्रोजेक्ट इन्वेस्टमेंट प्लान, बायबैक स्कीम, बिड एंड हॉट डील, शाइन वी कॉइन जैसी योजनाओं को लांच किया गया और एजेंटों को भारी कमीशन की लालच देकर योजनाओं को बेचा गया।
प्रवर्तन निदेशालय की ओर से बताया गया है कि शाइन सिटी के निदेशकों राशिद नसीम, आफिस नईम, अमिताभ कुमार श्रीवास्तव व अन्य पर विभिन्न आकर्षक योजनाओं में निवेशकों से निवेश कराकर धोखाधड़ी की गई। प्रदेश के विभिन्न जिलों में साढ़े चार सौ से अधिक मुकदमे दर्ज किए गए। प्रवर्तन निदेशालय के पास जो शिकायतें पहुंची उसके अनुसार 80.78 करोड़ की ठगी की गई।
प्रवर्तन निदेशालय की ओर से बताया गया है कि संबद्घ की गई संपत्तियों में शाइन सिटी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, शाइन सिटी प्राक्सिमा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, शाइन सिटी शेपर्स प्राइवेट लिमिटेड, शाइन सिटी कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियों के नाम से सुल्तानपुर, झांसी, प्रतापगढ़, वाराणसी, प्रयारागज, लखनऊ में 41.62992583 हेक्टेयर संपत्ति शामिल है, जिसका मूल्य 31.24 करोड़ रुपये बताया जा रहा है।
पूर्व मे भी अटैच की जा चुकी हैं 18 करोड़ की संपत्ति
प्रवर्तन निदेशालय ने पूर्व में भी करीब 18 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की थी। इसमें फतेहपुर, रायबरेली, कानपुर, जालौन, गोरखपुर, मांडा (प्रयागराज) में शाइनसिटी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, शाइनसिटी कॉलोनाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड, शाइनसिटी प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड, शाइनसिटी शेपर्स प्राइवेट लिमिटेड और शाइनसिटी बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड की 31.885168 हेक्टेयर जमीन जिसका मूल्य 10.59 करोड़ रुपये था।
इसके अलावा राशिद नसीम, आसिफ, अमिताभ कुमार श्रीवास्तव और मीरा श्रीवास्तव की 9 आवासीय परिसर जिसका मूल्य 7 करोड़ 3 लाख 66 हजार 750 रुपये थी। यानी कुल अब तक 49.11 करोड़ की संपत्ति प्रवर्तन निदेशालय द्वारा अटैच की जा चुकी है।
बिहार और पश्चिम बंगाल में भी की जमीन की खरीद-फरोख्त
प्रवर्तन निदेशालय को पता चला है कि शाइन सिटी ग्रुप ने यूपी के अलावा बिहार और पश्चिम बंगाल में भी जमीन की खरीद फरोख्त की। उक्त दोनों राज्यों में शाइन सिटी द्वारा खरीदी गई जमीन का भी ब्यौरा जुटाया जा रहा है।
