नई दिल्ली: (मानवीय सोच) चीन में कोविड प्रतिबंधों के खिलाफ कड़ा विरोध देखने को मिल रहा है. लोगों ने यहां तेजी से विरोध शुरू कर दिए हैं. प्रदर्शन कर रहे लोगों ने चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के खिलाफ नारेबाजी की. देश में चीन के कड़े कोविड लॉकडाउन के कारण सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं. वहीं रविवार को रिपोर्ट किए गए 40,000 संक्रमणों के साथ कोरोनो वायरस के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं.
आपको बता दें कि चीन में विरोध बहुत कम होता है. वहां सरकार के खिलाफ असहमति के लिए कड़ी सजा का प्रावधान है. लेकिन कोविड के कारण लगे सख्त लॉकडाउन के खिलाफ विभिन्न विश्वविद्यालयों से विरोध के वीडियो सामने आए हैं, जिसमें छात्र सरेआम तालाबंदी का विरोध कर रहे हैं. बीजिंग के सिंघुआ विश्वविद्यालय के सैकड़ों छात्रों ने रविवार को एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया. सिंघुआ के एक छात्र ने बताया कि सुबह 11:30 बजे छात्रों ने कैंटीन के प्रवेश द्वार पर साइन बोर्ड लगाना शुरू कर दिया, फिर अधिक से अधिक लोग शामिल हुए. अब 200 से 300 लोग हैं. छात्रों ने राष्ट्रगान गाया, और ‘स्वतंत्रता लेकर रहेंगे’ के नारे लगाए गए.
Breaking News: Tsinghua University has begun to shout slogans collectively against Chinese communist party tyranny : “We need democracy,we need rule of law, we need freedom of expression”!
https://t.co/I8uD5u96t0— Inty News (@__Inty__) November 27, 2022
कई जगह हो रहे विरोध प्रदर्शन
आपको बता दें कि सिंघुआ विश्वविद्यालय केवल एक मात्रा संस्थान नहीं है जहां विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. इसके अलावा भी कई जगहों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. चीन के पेकिंग विश्वविद्यालय में भी विरोध प्रदर्शन हो रहा है. विश्वविद्यालय की एक दीवार पर कोविड-विरोधी नारों को चित्रित किया गया. जिसमें कुछ शब्द अक्टूबर में कम्युनिस्ट पार्टी कांग्रेस से ठीक पहले बीजिंग पुल पर लटकाए गए एक बैनर पर लिखे गए शब्दों के समान थे. स्थानीय समयानुसार लगभग आधी रात से ही लोगों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था. एक अंडरग्रेजुएट प्रतिभागी ने नाम न छापने की शर्त पर एएफपी को बताया, “जब मैं (दो घंटे बाद) पहुंचा, तो मुझे लगता है कि वहां कम से कम 100 लोग थे या शायद 200 के लगभग रहे होंगे. छात्र ने बताया कि सबसे पहले, उन्होंने ‘इंटरनेशनेल’ गाया. बाद में कुछ छात्रों ने नारेबाजी शुरू कर दी, लेकिन प्रतिक्रिया विशेष रूप से तेज नहीं थी. लोग वास्तव में निश्चित नहीं थे कि उन्हें चिल्लाना चाहिए या नहीं. लेकिन मैंने लोगों को चिल्लाते हुए सुना: ‘नो टू कोविड टेस्ट, यस टू फ्रीडम.’
दुनियाभर में सुर्खियां बने चीन के हिंसक प्रदर्शन
चीन में हो रहे प्रोटेस्ट के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं. बीजिंग और अन्य शहरों में आवासीय परिसरों में भी लोग प्रदर्शन कर रहे हैं. वहीं छात्र, कोविड प्रतिबंधो के खिलाफ देशभर में हिंसक प्रदर्शन कर रहे हैं. बीजिंग, शंघाई, और झिंजियांग में हो रहे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन दुनिया भर में सुर्खियां बटोर रहे हैं. शीआन, ग्वांगझू और वुहान में भी छोटे-छोटे विरोध प्रदर्शन हुए हैं
