वाराणसी (मानवीय सोच) यूपी के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) बहुत शीघ्र टेली कंसल्टेंसी और टेली मेडिसिन जैसी सुविधाओं से लैस होंगे। इसके तहत प्रदेश के 4600 से अधिक पीएचसी को राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल के साथ ही एसजीपीजीआई तथा केजीएमयू से जोड़ दिया जाएगा। इसके लिए प्रदेश के स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष रूप से ट्रेंड भी किया जाएगा। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज डे पर दो दिवसीय सम्मेलन के अंतिम दिन आयोजित कार्यक्रम के दौरान कही। सम्मेलन के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने यहां देश के 22 राज्यों से आए स्वास्थ्य अधिकारियों और पांच राज्यों के स्वास्थ्य मंत्री और 900 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को संबोधित किया।
कार्यशाला स्वास्थ्य के क्षेत्र में नया संदेश देगी
मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि आप सब बाबा विश्वनाथ की पावन धरा पर दो दिनों से कम्यूनिटी हेल्थ पर मंथन करने जुटे हैं। काशी भगवान शिव की नगरी है और शिव का अर्थ कल्याण होता है। काशी भगवान धनवंतरी की जन्मभूमि भी है। इसके साथ ही दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ये कर्मभूमि है। काशी में स्वास्थ्य को लेकर इस प्रकार की कार्यशाला हम सबको नया संदेश देगी।
भारत ने मत-मजहब की नहीं सबके सुख और स्वास्थ्य की कामना की
मुख्यमंत्री ने सम्मेलन के थीम वाक्य ”टू बिल्ड द वर्ल्ड, वी वांट हेल्दी फ्यूचर फॉर ऑल” को भारतीय भावना ”सर्वे भवंतु सुखिना, सर्वे संतु निरामया” के साथ जोड़ते हुए कहा कि भारत ने जाति, मत मजहब की बात नहीं की, पूरी दुनिया में सबसे सुख और आरोग्यता की कामना की। विश्व योग दिवस इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। भारत के योग के साथ दुनिया के 200 देश जुड़ चुके हैं। भारत को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के बड़े हब के रूप में देखा जा रहा है, हमें भी इसे हाथों हाथ लेना होगा।
