कर्नाटक (मानवीय सोच) भगवान श्री राम की भव्य मंदिर का निर्माण हो रहा है के कोने-कोने से बड़ी संख्या में भक्त राम मंदिर के प्रति सोने चांदी के धातुओं को समर्पण कर आस्था निवेदित कर रहे हैं तो वहीं आज कर्नाटक के राम नगर जिले से भी लगभग 150 लोगों की संख्या के साथ अयोध्या पहुंचे कर्नाटक सरकार की उच्च शिक्षा, आईटी और बीटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, कौशल विकास मंत्री डॉ. सी.एन. अश्वथ नारायण ने भी भगवान रामलला को 2 किलो की चांदी की ईट भगवान राम लक्ष्मण के लिए रेशमी साल और माता सीता को रेशमी साड़ी समर्पित किया है इस दौरान परिसर में चल रहे हैं राम मंदिर निर्माण कार्य को देख भाव विभोर हुए बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने जय श्रीराम की जमकर नारे भी लगाए।
भगवान राम की वनवास भूमि है रामनगर
कर्नाटक सरकार के मंत्री डॉ. सी.एन. अश्वथ नारायण ने दर्शन कर कहा कि राम जन्मभूमि हमारा प्रेरणा है और पहचान है हमारा धर्म और संस्कृति भी है और पूरे भारत में सभी लोगों का प्रेरणा राम है बहुत ही लंबे समय से इच्छा थी इधर राम जन्मभूमि आने के लिए हम लोग जिस जिले से आते हैं उसका नाम रामनगर है।
कर्नाटक सरकार के मंत्री डॉ. सी.एन. अश्वथ नारायण ने दर्शन कर कहा कि राम जन्मभूमि हमारा प्रेरणा है और पहचान है हमारा धर्म और संस्कृति भी है और पूरे भारत में सभी लोगों का प्रेरणा राम है बहुत ही लंबे समय से इच्छा थी इधर राम जन्मभूमि आने के लिए हम लोग जिस जिले से आते हैं उसका नाम रामनगर है।
भगवान के लिए साल और माता सीता के लिए रेशमी साड़ी भी किया समर्पित
कहा जाता है कि भगवान राम जब वनवास में थे। उस दौरान रामदेवरा बेट्टू जो अब रामनगर है। वहां पर रुके हुए थे उसी स्थान पर भगवान राम ने शिव की आराधना की थी इसलिए भगवान राम से उस स्थान रामनगर से बहुत ही पुराना संबंध है। रामनगर का बहुत ही आदर अब पूजन किया जाता है और आज 150 लोगों के साथ भगवान राम का दर्शन करने के लिए आए हैं और साथ में समर्पण करने के लिए 2 किलो की चांदी की एक शिला और माता सीता के लिए रेशमी साड़ी व भगवान राम और लक्ष्मण के लिए 1 साल लेकर आए हैं। और आज भगवान रामलला का दर्शन कर पूजन करने के बाद रामराज्य की स्थापना की कामना कर रहे हैं।
कहा जाता है कि भगवान राम जब वनवास में थे। उस दौरान रामदेवरा बेट्टू जो अब रामनगर है। वहां पर रुके हुए थे उसी स्थान पर भगवान राम ने शिव की आराधना की थी इसलिए भगवान राम से उस स्थान रामनगर से बहुत ही पुराना संबंध है। रामनगर का बहुत ही आदर अब पूजन किया जाता है और आज 150 लोगों के साथ भगवान राम का दर्शन करने के लिए आए हैं और साथ में समर्पण करने के लिए 2 किलो की चांदी की एक शिला और माता सीता के लिए रेशमी साड़ी व भगवान राम और लक्ष्मण के लिए 1 साल लेकर आए हैं। और आज भगवान रामलला का दर्शन कर पूजन करने के बाद रामराज्य की स्थापना की कामना कर रहे हैं।
