कानपुर (मानवीय सोच) डॉ. रिजवान ने बताया कि वह बांग्लादेश में भी हवाला का कारोबार करता था। बांग्लादेशी पासपोर्ट पर भी वह कई विदेश यात्रा कर चुका है। हालांकि पूछताछ के दौरान वह कहता रहा कि उसने न ही बांग्लादेश के साथ गद्दारी की है न ही भारत की जासूसी की है।
सर, मैं हवाला का काम करता हूं। पाकिस्तान में मेरे कई लोगों से संपर्क है, इसी सिलसिले में पाकिस्तान समेत अन्य देश जा चुका हूं..। नौ घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिए गए बांग्लादेशी नागरिक डॉ. रिजवान ने इन बातों को तो कबूला पर जब जांच टीम ने पूछा कि हवाला का पैसा पाकिस्तान में कहां से और कौन भेजता है तो वह चुप्पी साध गया।
जब यह पूछा गया कि भारत में हवाला का पैसा कौन मंगवाता है तो वह बगले झांकने लगा। उसकी चुप्पी समझकर जांच टीम ने अपने सवालों को घुमाना शुरू किया तो वह जवाब देने लगा। उसने बताया कि वह बांग्लादेश में एक होटल चलाता था। शादी के बाद वह कानपुर आ गया था।
यहां फर्जी दस्तावेज बनवाए और आर्यनगर स्थित फ्लैट में रहने लगा। यहां से हवाला का काम कर रहा था, इसकी जानकारी उसकी पत्नी हिना और ससुर खालिद को थी। पुलिस ने जब उसके सामने दो बैंक खातों (इंडसइंड और एचडीएफसी) का कच्चाचिट्ठा रखा तो वह हड़बड़ाकर सच उगलने लगा। डॉ. रिजवान बोला हां.. यह हवाला का पैसा है।
