लखनऊ (मानवीय सोच) स्मार्ट मीटर से छेड़छाड़ करने वाले गैंग से एसटीएफ ने जिन 578 मीटरों को जब्त किया था, उनमें से सिर्फ 287 ही चालू हालत में मिले हैं। बाकी पर कोई विवरण दर्ज नहीं है। एसटीएफ ने चालू हालात में मिले मीटरों के नंबर के आधार पर उपभोक्ताओं की पहचान कर विवरण विद्युत वितरण निगम को भेजा है। इनमें 32 मीटर लखनऊ के उपभोक्ताओं के हैं। एसटीएफ से प्राप्त विवरण के आधार पर मीटर से छेड़छाड़ कराने वाले उपभोक्ता व बिचौलिए दबोचे जाएंगे। हालांकि, लखनऊ इलेक्ट्रिक सप्लाई एडमिनिस्ट्रेशन (लेसा) ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
उपभोक्ताओं के घर पहुंचेगी पुलिस
सूत्रों ने बताया कि छेड़छाड़ में लखनऊ के जिन 32 मीटरों को जब्त किया गया है उनके उपभोक्ताओं को सोमवार तक खोज लिया जाएगा। इसके बाद इलाकाई इंजीनियर पुलिस प्रवर्तन टीम के साथ उपभोक्ता के घर पहुंचकर जांच करेंगे। इससे पता चलेगा कि उपभोक्ता ने किसके सहयोग से मीटर में छेड़छाड़ कराने की कोशिश की।
गैंग सदस्यों के मीटर जांच को भेजे
एसटीएफ ने अली उमर निवासी मोहिबुल्लापुर मड़ियांव, अर्जुन प्रसाद निवासी प्रियदर्शनी कॉलोनी सीतापुर रोड मड़ियांव, सोनू पाल निवासी एलडीए कॉलोनी कानपुर रोड, सतीश शर्मा निवासी सरीपुरा कनकसिटी आलमनगर एवं रमन गौतम निवासी संदना सीतापुर को गिरफ्तार किया था। इनमें सोनू पाल के घर के मीटर की जांच में रिमोट मिल चुका है। वहीं, अली उमर व अर्जुन प्रसाद के घरों से मीटर भी जांच के लिए भेजे गए हैं। सतीश शर्मा के भी दो घरों की जांच हुई। रमन गौतम का लखनऊ में आवास नहीं है।
ऊर्जा मंत्री ने कहा, संलिप्त कर्मचारियों को करें बेनकाब
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने पावर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन से मीटरों से छेड़छाड़ एवं लेसा की लैब में उन्हें धीमा करने के खेल पर रिपोर्ट मांगी है। मंत्री ने यह भी कहा है कि विभागीय लोगों की मिलीभगत के बिना यह खेल संभव नहीं है। इस खेल में शामिल कर्मचारियों को भी बेनकाब करें।
