चीन में फिर से कोरोना ने मचाई तबाही, उत्तर प्रदेश में खतरा कितना बढ़ा?

नोएडा  (मानवीय सोच)  चीन में फिर से कोरोना वायरस ने कोहराम मचा रखा है। अगले तीन माह में चीन के 80 करोड़ से ज्यादा लोगों के संक्रमित होने का खतरा मंडरा रहा है। दस लाख से ज्यादा लोगों की मौत की भी आशंका जताई गई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के बाकी देशों पर भी कोरोना का बुरा असर पड़ सकता है। दुनिया के 10 प्रतिशत से ज्यादा लोग अगले तीन महीने में संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं। रिपोर्ट ने दुनियाभर में हलचल बढ़ा दी है। भारत में भी लोगों के बीच कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं हैं। ऐसे में अमर उजाला ने इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (ICMR) गोरखपुर के रीजनल डायरेक्टर डॉ. रजनीकांत से बातचीत की। उन्होंने भारत और यूपी में कोरोना की स्थिति, सरकार की तैयारियों और लोगों की आदतों को लेकर जानकारी दी। 

क्या यूपी और भारत में कोरोना फिर से बढ़ने की आशंका है? 
डॉ. रजनीकांत का कहना है कि अभी कोरोना का कोई नया वैरिएंट सामने नहीं आया है। चीन में पुराने वैरिएंट से ही मरीजों की संख्या बढ़ रही है। भारत में 220 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन के डोज लगा चुकी हैं। 100 करोड़ से ज्यादा लोगों ने वैक्सीन की पहला डोज प्राप्त कर ली है। इनमें भी 95 करोड़ से ज्यादा लोग ऐसे हैं, जिन्हें वैक्सीन का दोनों डोज लग चुके हैं। जबकि 22 करोड़ से ज्यादा ऐसे लोग हैं, जिन्हें बूस्टर डोज भी लग गई है। ऐसे में फिलहाल यूपी समेत पूरे भारत में कोरोना की नई लहर आने की आशंका नहीं है। हालांकि, इसके बावजूद सरकार सभी तैयारियां कर रही है। अगर आगे चलकर स्थिति खराब होती है तो हम उससे निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। हमारे पास पर्याप्त संख्या में कोरोना की जांच के लिए लैब्स हैं। जिनोम सिक्केंसिंग के लिए भी लैब्स तैयार हैं। इसके साथ ही लोगों से एक बार फिर कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए कहा जा रहा है।

क्या चीन में बढ़ते कोरोना से डरने की आवश्यकता है? 
नहीं, बिल्कुल भी डरने की जरूरत नहीं है। हालांकि, सावधानी जरूर बरतनी होगी। अगर किसी में कोरोना के लक्षण दिखाई देते हैं, खांसी, जुखाम या बुखार होता है तो उन्हें ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। ऐसे लोग मास्क जरूर पहनें। लोगों से दूरी बनाकर रखें। कोरोना की जांच कराएं और डॉक्टर से सलाह जरूर लें। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर कोई दहशत की स्थिति में आ जाए। अभी हमारे यहां हालात काफी अच्छे हैं।

आंकड़े भी यही कहते हैं कि यूपी समेत भारत में कोरोना के मामलों में गिरावट हो रही

कोरोना से जुड़े आंकड़ों को देखें तो पिछले हफ्ते संक्रमण के चलते देशभर में 12 मौतें दर्ज की गई हैं। पिछले तीन दिनों से एक भी मौत का मामला सामने नहीं आया है। मार्च 2020 के बाद दैनिक मृत्यु के मामले में यह सबसे कम है। कोरोना के मामलों की बात करें तो पिछले सप्ताह कोरोना के 1103 नए मामले दर्ज किए गए है। यह पहले लॉकडाउन 23-29 मार्च, 2020 के बाद से सबसे कम है। तब 736 नए मामलों का पता चला था, जिसके बाद अगले सप्ताह यह आंकड़ा बढ़कर 3,154 पहुंच गया था। आंकड़ों के मुताबिक,  बीते हुए सप्ताह (दिसंबर, 12-18) में पिछले सात दिनों में कोरोना के मामलों में 19 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है।

यूपी में कोरोना की स्थिति
उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 21 जिलों में कोविड के 95 मरीज हैं। इनमें वाराणसी में 33, रायबरेली में 12, मेरठ में सात, गाजियाबाद में पांच, कुशीनगर में पांच, अंबेडकरनगर में चार और अमरोहा, एटा व गोंडा में तीन-तीन और अन्य जिलों में इससे कम मरीज हैं। वर्तमान में प्रदेश में हर दिन दो से तीन मरीज ही मिल रहे हैं। इस पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी प्रदेश को अलर्ट कर दिया है। मरीजों की संख्या बढ़ाने पर जीनोम सीक्वेंसिंग कराने के निर्देश दिए गए हैं। यूपी में भी स्वास्थ्य कर्मियों को अलर्ट कर दिया गया है। सभी बीएसएल2 लैब से जांच संबंधी रिजेंट की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। कहा गया है कि जिन जिलों में मरीजों की संख्या 10 से अधिक होने लगे, वे जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए सैंपल तैयार करें।

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