गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ वारंट जारी

गोरखपुर:  (मानवीय सोच)  गोरखपुर विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर राजेश कुमार सिंह के खिलाफ वारंट जारी हुआ है। कोर्ट ने कुलपति को 23 तारीख को हाजिर होने और उपस्थिति दर्ज कराने को कहा है। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में 2018 में नामांकित प्री पीएचडी के छात्रों की परीक्षा न होने के कारण विद्यार्थियों का सत्र लेट हो रहा था। इसको लेकर छात्रों में रोष व्याप्त था। अक्रोशित शोध छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में आंदोलन शुरू किया। विद्यार्थियों का कहना था कि उनकी परीक्षा 2018 के ऑर्डिनेंस के अनुसार कराई जाए, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी परीक्षा नई शिक्षा नीति के अंतर्गत कराने पर अड़ा था।

विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्रों को आश्वासन देते हुए आनन-फानन में दिसंबर 2021 में परीक्षा की तिथियां घोषित कर दी गई थीं और छात्रों का आंदोलन समाप्त हो गया। 7 जनवरी 2022 को पहले पेपर के दिन छात्र जब परीक्षा देने पहुंचे तो पेपर देखकर हैरान हो गए। पेपर में पूछे गए प्रश्न नई शिक्षा नीति के अनुसार ही थे। जिसका परीक्षार्थियों ने विरोध किया। छात्रों पर पेपर और कांपियां फाड़ने और परीक्षा में बाधा पहुंचाने का आरोप लगा और 17 विद्यार्थियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। उन्हें विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया गया। इसी मामले में प्री पीएचडी छात्रा दीप्ति राय के नेतृत्व में अन्य छात्रों ने कोर्ट में याचिका दाखिल की। उनकी मांग थी कि हमारा दाखिला 2018 में हुआ है तो परीक्षा भी उसी के अनुरूप कराई जाए।

मामले में कोर्ट के आदेश के बावजूद कुलपति राजेश कुमार सिंह पेश नहीं हुए थे। इसी के मद्देनजर हाईकोर्ट ने जमानती वारंट जारी करते हुए उन्हें सीजेएम गोरखपुर के माध्यम से कोर्ट में 23 दिसंबर 2022 को पेश होने और उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश जारी किए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *