वाराणसी (मानवीय सोच) रूस-यूक्रेन महायुद्ध का असर यूपी के वाराणसी में भी देखने को मिला है. यहां एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो युद्ध का दर्दनाक पहलू बयान कर रही है. यहां एक युवक-युवती के रिश्ते पर युद्ध की वो आंच पड़ी है जिसकी तपिश किसी भी महसूस हो सकती है. ये पूरी कहानी सामने तब आई, जब वाराणसी में एक यूक्रेनी नागरिक ने आत्महत्या कर ली. आत्महत्या करने वाले शख्स का शव जब उसकी गर्लफ्रेंड ने मांगा तो यूक्रेनी दूतावास की तरफ से मना कर दिया गया. ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि मरने वाले शख्स की गर्लफेंड रूसी की नागरिक है.
ये है पूरी घटना
दरअसल, बीते सोमवार 26 दिसंबर को वाराणसी में यूक्रेन के नागरिक कोस्टेंटिन ने आत्महत्या कर ली थी. वाराणसी के नारदघाट स्थित एक गेस्ट हाउस में कोस्टेंटीन ने रस्सी के फंदे से मौत को गले लगा लिया. बताया जा रहा है कि जनवरी में उसका वीजा खत्म होने वाला था. ऐसे में उसे यूक्रेन वापस जाना पड़ता. लेकिन उसके पहले ही उसने आत्महत्या कर ली. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम करवाया और साथ ही शव के दाह संस्कार के लिए दूतावास से सम्पर्क किया.
यूक्रेनी दूतावास का फरमान
वाराणसी पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पुलिस की जांच में सामने आया कि यूक्रेनी नागरिक वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत यूनिवर्सिटी से शास्त्री की पढ़ाई करता था. उसके साथ एक और यूक्रेनी युवती याना और रूस की महिला पढ़ाई कर रही थी. पुलिस ने दाह संस्कार के लिए कोस्टेंटिन का शव उसकी रूसी महिला मित्र को देने की बात कही. लेकिन यूक्रेन के दूतावास ने ये कहते हुए मना कर दिया कि रूस से उनके संबंध ठीक नहीं हैं, इसलिए यूक्रेन की युवती याना को ही शव देकर अंतिम संस्कार करवाया जाए.
कौन है यूक्रेन की युवती याना?
याना यूक्रेन की रहने वाली युवती है जो पिछले 2 सालों से वाराणसी की संस्कृत यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रही है. याना वाराणसी के लहुराबीर स्थित एक किराए के मकान में रहती हैं. यूक्रेन के दूतावास के निर्देश के बाद याना से संपर्क किया गया, जो शव को लेने के लिए मान गई. सारी कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद शव का वाराणसी में ही यूक्रेनी युवती याना द्वारा अंतिम संस्कार किया जाएगा.
