उच्च शिक्षा निदेशालय प्रयागराज से लखनऊ नहीं शिफ्ट होगा, डेप्‍युटी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने किया स्‍पष्‍ट

लखनऊ:  (मानवीय सोच)  उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा निदेशालय को प्रयागराज से लखनऊ शिफ्ट किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अब इसको लेकर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ट्वीट कर स्‍पष्‍टीकरण दिया है। उन्‍होंने कहा है कि प्रयागराज से उच्च शिक्षा निदेशालय लखनऊ ट्रांसफर नहीं होगा। इसके साथ ही उपमुख्यमंत्री ने गलत आदेश जारी करने की जांच कराने की बात कही है। बता दें, हाल ही में उच्च शिक्षा निदेशालय को लखनऊ ट्रांसफर किए जाने को लेकर विशेष सचिव डॉ. अखिलेश कुमार मिश्र ने उच्च शिक्षा निदेशक को एक पत्र लिखा था।

केशव प्रसाद मौर्य ने ट्वीट करते हुए लिखा कि प्रयागराज से उच्च शिक्षा निदेशालय लखनऊ स्थानांतरित नहीं होगा। कोई नया कार्यालय आये लेकिन जो है वह नहीं जाये यही प्रयास था है और रहेगा। उपमुख्यमंत्री ने गलत आदेश जारी करने की जांच कराने की बात भी कही है। उन्होंने हैशटैग के साथ लिखा- गौरव हैं राज्य और केंद्र सरकार के कार्यालय।

अपने ट्वीट में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक पत्र भी संलग्न किया है। विशेष सचिव डॉ. अखिलेश कुमार मिश्र ने उच्च शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर बताया है कि इससे निदेशालय के कार्मिकों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है कि सम्पूर्ण निदेशायल को लखनऊ प्रतिस्थापित किये जाने को लेकर निर्णय ले लिया गया है। पत्र में इसको लेकर स्पष्ट कर बताया गया है कि उच्च शिक्षा विभाग के निदेशालय शासन और अन्य प्रशासनिक शाखाओं के बीच समुचित समन्वय करने हेतु शासन स्तर पर विचार किया जा रहा है। निदेशायल उच्च शिक्षा को पूर्ण रूप से लखनऊ में स्थापित करने का कोई भी निर्णय किसी भी स्तर पर अभी नहीं लिया गया है।

बता दें, नए साल के जश्न के बीच सोमवार की शाम सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक शासनादेश ने प्रयागराज से लेकर राजधानी लखनऊ तक हड़कंप मचा दिया था। जिसमें शासन स्तर के विशेष सचिव डॉ. अखिलेश कुमार मिश्र की ओर से उच्च शिक्षा निदेशक को पत्र लिखा गया। जिसमें बताया गया कि शासकीय कार्यहित में उच्च शिक्षा निदेशालय, प्रयागराज को लखनऊ में प्रतिस्थापित किए जाने के लिए उच्च स्तर से निर्देश प्राप्त हुए हैं। पत्र में कहा गया था कि इस मामले में प्रस्ताव तत्काल उपलब्ध करा दिया जाए। वहीं इस पत्र के वायरल होने के बाद शिक्षकों और प्रतियोगी छात्रों ने विरोध करना शुरू कर दिया था।

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