लखनऊ (मानवीय सोच) प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर, चित्रकूट में गंगा किनारे और अयोध्या में पवित्र सरयू में आज मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। प्रयागराज में जहां अब तक एक करोड़ से अधिक श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके हैं वहीं अयोध्या काशी में भी भक्तों के स्नान और ध्यान का क्रम जारी है
प्रयागराज माघ मेला में मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर आस्था का ज्वार फूट पड़ा है। विपरीत मौसम भी श्रद्धालुओं की श्रद्धा को नहीं डिगा सका। शनिवार भोर से शुरू हुए इस महास्नान में लाखों स्नानार्थियों ने पवित्र त्रिवेणी में पुण्य की डुबकी लगा। प्रयागराज मेला प्राधिकरण की ओर से दावा किया गया कि सुबह 12 बजे तक एक करोड़ लाख लोगों ने स्नान किया। मेला भीड़ बढ़ने पर क्राउड कंट्रोल मैनेजमेंट और ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान सुबह आठ बजे ही लागू कर दिया गया। संगम जाने वाले प्रमुख मार्गों को बंद कर दिया गया है। स्नानार्थियों को अन्य 16 स्नान घाटों पर भेजा जा रहा है। संगम समेत सभी घाटों पर स्नान करने के बाद फौरन वहां से चले जाने के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम से बोला जा रहा है। उधर श्रद्धालुओं पर हेलीकाप्टर से पुष्प वर्षा कराया जा रहा है।
वाराणसी में शुक्रवार देर रात बारिश के बाद ठंड का असर बढ़ गया, लेकिन शनिवार को मौनी अमावस्या के मौके पर इस ठंड पर लोगों की आस्था भारी पड़ी और पश्चिम वाहिनी मां गंगा के तट पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। बड़ी संख्या में लोगों ने मां गंगा में डूबकी लगाकर घर-परिवार के लिए मंगलकामना की। आज सुबह से ही लोगों की भीड़ बलुआ तट होने लगी थी। न केवल स्थानीय बल्कि जनपद के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा पूर्वांचल के जौनपुर, गाजीपुर, बलिया, मउ, आजमगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर सहित बिहार के समीपवर्ती जिले के श्रद्धालुओं पहुंचे हुए थे। लगभग एक किलोमीटर के दायरे में डुबकी लगाने के लिए महिला व पुरुषों का हुजूम दिखाई दे रहा था। इस दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने मां गंगा से आशीर्वाद लिया। चंद्रावती से लेकर बलुआ घाट तक लगभग पांच किलोमीटर के क्षेत्र में पश्चिम वाहिनी मां गंगा के बलुआ तट पर ऐसा लग रहा था कि साक्षात देवलोक उतर आया हो। हर कोई मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर मां गंगा की गोद में डुबकी लगाकर पुण्य का भागी बनने के लिए आतुर नजर आ रहा था।
