आगरा (मानवीय सोच) टीला माईथान में हुए हादसे के बाद अब 30 परिवारों के सामने आश्रय का संकट खड़ा हो गया है। पुलिस प्रशासन की टीम ने निरीक्षण के बाद मकानों पर क्रॉस का निशान लगा दिया है। जर्जर मकानों को असुरक्षित घोषित कर दिया गया है। इनमें रहने वाले परिवार का सामान एसडीआरएफ की टीम ने निकालना शुरू कर दिया है।
यहां पर बिजली और पानी पहले ही बंद कर दी गई है। अब बड़ा सवाल यह है कि यह परिवार जाएंगे कहां ? लोगों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि अचानक अधिकारियों ने घर खाली करने के लिए बोल दिया है। हर दिन कमाने वाले लोग कहां जाएंगे, यह किसी ने नहीं बताया।
टीला माईथान में प्रशासन की टीम ने घरों पर निशान क्या लगाए कि लोगों की रातों की नींद उड़ गई है। शुक्रवार सुबह से ही कई घरों को बिजली नहीं मिल रही है। शनिवार से पानी भी बंद कर दिया गया। बड़े ही नहीं बच्चे भी परेशान हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा है आखिर करें तो क्या करें ?
यहां के रहने वाले अनिल वर्मा ने बताया कि वह बाइक रिपेयरिंग का काम करते हैं। उन्होंने कुछ महीने पहले ही अपना मकान फिर से बनवाया था। इसके बावजूद निशान लगा दिया गया। उनके मकान पर किसी तरह का खतरा नहीं है। बस 30 मीटर के दायरे में आ रहा है। पहले बिजली चली गई। अब पानी की काट दिया गया। अब बोला जा रहा है कि मकान खाली कर दो। वह खाली करके कहां जाएंगे।
बबलू वर्मा ने बताया कि वह चांदी पायल का काम करते हैं। घर में तकरीबन चार सदस्य हैं। उनके अलावा एक किरायेदार का परिवार भी रहता है। उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं है। इसके बावजूद उनसे मकान खाली करने के लिए बोल दिया गया है। नौ महीने पहले मकान बनवाया था। अब चिह्नित कर दिया है। शुक्रवार से खाली करने के लिए बोला जा रहा है। पानी नहीं मिलने की वजह से बच्चे परेशान हैं। अगर, खाली करेंगे तो कहां जाएंगे, यह नहीं बताया।
बबलू के पड़ोस में रहने वाली कमलेश ने बताया कि उनके घर में बूढ़ी सास सावित्री हैं। वह बीमार रहती हैं। 3 ऋषि, मोहित और सोनम बच्चे हैं। वह किसी तरह तंबाकू फैक्ट्री में काम करके गुजर बसर कर रही हैं। इससे किसी तरह घर चल पाता है। अगर घर खाली करना पड़ा तो वह जाएंगे कहां। किराए पर रहने के लिए पैसे नहीं है। सरकार की तरफ से कोई मदद तो मिली नहीं है। आसरा भी नहीं मिल रहा है।
तीन फुट की है गली
टीला माईथान की जिस गली के बाहर हादसा हुआ, वो शुरूआत में तो 4 फुट की है। अंदर जाने के बाद वो तीन फुट और दो फुट की रह जाती है। इसमें अगर, हादसा हुआ तो मदद मिलना भी मुश्किल हो जाएगा। तकरीबन 50 से अधिक मकान बने हुए हैं।
एसडीआरएफ की टीम
टीला माईथान में मकान गिरने की आशंका पर एसडीआरएफ की टीम को बुला लिया गया है। इटावा और लखनऊ से 42 सदस्यीय टीम आई है। प्लाटून कंमांडर मोईन खान ने बताया कि मलबा हटाने के दौरान जर्जर भवन गिर सकते हैं। लोगों की मदद टीम करेगी। सामान निकाला जाएगा। रेस्क्यू भी किया जाएगा।
कहां जाएंगे हम ?
मोहल्ले की आरती शर्मा ने बताया कि हादसे में मकान गिर गया है। सामान भी आधा गिर गया। कुछ सामान बचा है। वो तीन दिन से धर्मशाला में रह रहे हैं। पति डब्बू की मौत हो चुकी है। एक बेटे और बेटी के साथ रहती है। किसी तरह काम करके गुजर बसर करती हैं।
