उत्तर प्रदेश (मानवीय सोच) नोएडा में शिवालिक होम्स के डेवलपर पर कथित रूप से एक ही फ्लैट को अलग-अलग लोगों को बेचने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। फ्लैट की एक खरीदार पूनम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटकाया था, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर बिल्डर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
35 लाख में खरीदा था फ्लैट, रहने लगे
जानकारी के मुताबिक पीड़िता पूनम और उनकी मां रेखा ने वर्ष 2019 में शिवालिक होम्स में एक फ्लैट खरीदा था। उन्होंने बताया कि हमने फ्लैट को 35 लाख रुपये में खरीदा था। इसके बाद हमें सभी प्रमाणपत्र भी दिए गए। पीड़िता ने बताया कि इसके बाद हम लोग फ्लैट में रहने लगे। कुछ समय बाद PNB हाउसिंग की ओर से हमें एक नोटिस भेजा गया।
बैंक का नोटिस आया, किसी और के नाम पर था फ्लैट
नोटिस में लिखा था वह फ्लैट वर्ष 2016 में किसी जगदीश जोशी के नाम पर पंजीकृत था। जोशी ने बैंक से कर्ज लिया था और अपनी किस्तें चुकाना बंद कर दिया था। यह देख पूनम के होश उड़ गए। पूनम का आरोप है कि जब वे शिकायत दर्ज कराने थाने गए तो पुलिस ने डेवलपर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने में आनाकानी की।
पुलिस ने नहीं सुनी तो हाईकोर्ट में दी याचिका
कुछ दिनों बाद बैंक ने हमें बताया कि हमें फ्लैट खाली करना होगा, क्योंकि लंबे समय से किश्तें नहीं मिली हैं। इस पर पीड़िता ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में शरण ली। बिल्डर के खिलाफ याचिका दायर की। कोर्ट के आदेश के बाद 27 जनवरी को सूरजपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
पुलिस ने शुरू की अपनी कार्रवाई
सूरजपुर थाने के अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने पहले ही जांच और कार्रवाई शुरू की जाएगी। सामने आया है कि पूनम ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य लोगों ने भी डेवलपर के खिलाफ इसी तरह के आरोप लगाए हैं, जिन्होंने पुलिस से भी गुहार लगाई है।
लोगों को डर, दूसरों के साथ भी ऐसा न कर डे बिल्डर
इस सोसायटी में रहने वाले रूपेश सिंह ने बताया कि यहां करीब सभी ने बिल्डर को अपने भुगतान कर दिया है। कई लोग ईएमआई का भुगतान कर रहे हैं। हममें से कई लोगों को डर है कि बिल्डर ने दूसरे लोगों के साथ भी ऐसा न किया हो, क्योंकि हमारे फ्लैटों की रजिस्ट्रियां अभी बकाया है।
