नई दिल्ली (मानवीय सोच) मोदी सरकार के नौवें बजट भाषण के पूरा होते ही विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई है। बजट भाषण के बाद सदन से बाहर आने पर जब समाजवादी पार्टी की सांसद और अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव से बजट पर प्रतिक्रिया पूछी गई तो उन्होंने इसे निराश करने वाला बजट बताया है।
डिंपल यादव ने कहा, 2023 के बजट को अगले साल होने वाले आम चुनाव को ध्यान में रखते हुए पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि इस बजट में मध्यम वर्ग को कुछ राहत जरूर मिली है, हालांकि सरकार ने किसानों के लिए एमएसपी, रोजगार और युवाओं के लिए इस बजट में कुछ नहीं कहा है।
डिंपल ने आगे कहा कि इस बजट में रेलवे की भी उपेक्षा की गई है। यह एक निराश करने वाला बजट है।
अन्य नेताओं ने क्या कहा
बजट में सबको कुछ न कुछ दिया गया: फारूक अब्दुल्ला
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि बजट में मध्यम वर्ग को मदद दी गई है, सबको कुछ न कुछ दिया गया है। डेढ़ घंटे तक हमने बजट सुना अब हम इसपर बात करेंगे जब मौका आएगा।
बजट में मनरेगा का कोई जिक्र नहीं था: शशि थरूर
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि बजट में कुछ चीजें अच्छी थी मैं इसे पूरी तरह नकारात्मक नहीं कहूंगा, लेकिन अभी भी कई सवाल उठते हैं। बजट में मनरेगा का कोई जिक्र नहीं था। सरकार मजदूरों के लिए क्या करने जा रही है? बेरोजगारी, महंगाई की बात भी नहीं की गई।
इस बजट से महिला का सम्मान बढ़ा: स्मृति ईरानी
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि इस बजट से महिला का सम्मान बढ़ा, बच्चों और किशोरों के लिए डिजिटल लाइब्रेरी की घोषणा से ज़िला स्तर पर बच्चे कैसे पढ़ेंगे और बढ़ेंगे इसका उल्लेख किया गया है। नारी शक्ति एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण कैसे कर सकती है इसका प्रतिबिंब आज के बजट में दिखता है। ये बजट मध्यम वर्ग के हित में भी है, इससे भारत प्रफुल्लित है भले ही विपक्ष नाराज हो।
