गोपालगंज (मानवीय सोच) बिहार के गोपालगंज में पहला बुक रीडिंग मैराथन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. पंचदेवरी के जमुनहां इंटर कॉलेज में आयोजित बुक रीडिंग मैराथन ने किताब पढ़ने की खत्म होती जा रही परंपरा को संजोने का पैगाम पूरे देश को दिया. यहां एक साथ 721 प्रतिभागियों ने लगातार 2 घंटे तक किताबें पढीं. इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डीएम डॉ नवल किशोर चौधरी ने बुक रीडिंग मैराथन को एक अद्भुत कार्यक्रम बताया. उन्होंने कहा कि आज सोशल मीडिया व मोबाइल के दौर में किताबों से दूर होते जा रहे समाज के लिए यह रीडिंग मैराथन संजीवनी साबित होगा. यह मिसाल पूरे देश में मसाल बनकर जलेगा.
डीएम ने प्रतिदिन पुस्तक पढ़ने के लिए लोगों को प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि किसी न किसी पुस्तक को प्रतिदिन कम से कम एक घंटा अवश्य पढ़ना चाहिए. पुस्तक पढ़ने से ऊर्जा मिलती है. डीएम ने कहा कि यदि आपने 60 वर्ष उम्र के किसी लेखक की किताब पढ़ ली, तो अपने अनुभव को 60 वर्ष बढ़ा दिया. यदि आपने इस तरह की 20 किताबें पढ़ लीं, तो 12 सौ वर्ष जीवन जी लिया. किताबों का अध्ययन करने तथा उसे अपने जीवन में उतारने के लिए डीएम ने सबको प्रेरित किया. इस अनूठे कार्यक्रम के आयोजन के लिए डीएम ने बीडीओ मनीष कुमार श्रीवास्तव, जमुनहां इंटर कॉलेज के प्राचार्य डॉ दुर्गाचरण पांडेय व रीडिंग मैराथन क्लब के सभी सदस्यों को प्रोत्साहित किया.
