लखनऊ (मानवीय सोच) कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान को उत्तर भारत का सबसे बड़ा कैंसर संस्थान बनाने की ओर एक कदम और बढ़ाया गया है। संस्थान में डॉक्टरों के 62 नए पदों को शासन से स्वीकृति मिल गई है। अभी तक यहां सिर्फ 56 पद ही स्वीकृत थे। शासन ने संस्थान में पैरामेडिकल, टेक्नीशियन सहित अन्य कर्मचारियों के कुल 503 पद भी स्वीकृत किए हैं। इनकी भर्ती प्रक्रिया शुरू होने वाली है। इसके बाद संस्थान की मरीज भर्ती करने की क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।
80 एकड़ में फैले संस्थान को उत्तर भारत के सबसे बड़े कैंसर संस्थान के तौर पर विकसित किया जाना है। अभी तक यहां डॉक्टरों के 56 पद, सीनियर रेजिडेंट के 69, जूनियर रेजिडेंट के 63 और आउटसोर्सिंग के माध्यम से 217 पद स्वीकृत थे। इस समय संस्थान में डॉक्टरों के सिर्फ 25 पद ही भरे हैं।
एसआर और जेआर भी आधी संख्या में ही काम कर रहे हैं। यही वजह है कि 1200 के बजाय सिर्फ 100 बेड पर ही मरीजों की भर्ती हो रही है। ओपीडी में रोजाना 150 से ज्यादा मरीज आ रहे हैं। संस्थान की क्षमता कम होने की वजह से भर्ती के लायक काफी मरीजों को सिर्फ परामर्श देकर ही वापस कर दिया जाता है। इसे देखते हुए शासन ने न सिर्फ पुराने पदों पर भर्ती को मंजूरी दी है, बल्कि नए पद भी स्वीकृत किए हैं।
जल्द शुरू होगा ब्लड बैंक
संस्थान के निदेशक प्रो. आरके धीमन ने बताया कि ब्लड बैंक शुरू करने के लिए उपकरण खरीदे जा चुके हैं। अगले कुछ सप्ताह में इसके लाइसेंस की मंजूरी आनी है। इसके बाद यहां पर ब्लड बैंक भी शुरू हो जाएगा। कैंसर संस्थान में ब्लड बैंक के नाम पर अभी भी सिर्फ खून स्टोर करने की सुविधा है।
पूरी क्षमता से होगा काम
कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान के निदेशक प्रो. आरके धीमन ने कहा कि कैंसर संस्थान जल्द ही अपनी पूरी क्षमता से काम करने लगेगा। शासन ने नए पदों को मंजूरी दे दी है। पहले से खाली पदों पर भर्ती करने की प्रक्रिया जारी है। इसके बाद यहां मरीजों के लिए सुविधाएं और भी बढ़ जाएंगी।
