लखनऊ (मानवीय सोच) पर्यटन से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों व कारोबार के सिलसिले में नेपाल और भारत के बड़ी संख्या में लोग रोजाना बॉर्डर पार आवागमन करते हैं। ऐसे में उनको भुगतान की भी जरूरत होती है, लेकिन कई बार उन्हें इसमें दिक्कत होती है। अब इस दिक्कत को यूनीफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) हल करेगा। यह सुविधा इसी साल से शुरू करने की तैयारी है। इससे दोनों देशों के लोग एक-दूसरे के यहां यूपीआई एप से भुगतान कर सकेंगे।
जी-20 की बैठक में शामिल होने लखनऊ आए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रोद्योगिकी मंत्रालय के सचिव अल्केश कुमार शर्मा ने बताया कि विदेश मंत्रालय इस संबंध में नेपाल से बातचीत कर रहा है। जल्दी ही इसको अंतिम रूप दे दिया जाएगा। इसके बाद भारत के लोग नेपाल में प्रवास के दौरान भुगतान क्यूआर कोड से कर सकेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि 2023 में ही यह सुविधा शुरू हो जाएगी। अभी नेपाल में भारतीयों को नकद भी भुगतान करना होता है। हालांकि, वहां भारतीय मुद्रा का उपयोग किया जा सकता है। यूपीआई से भुगतान सुविधा मिलने पर लेनदेन सुगम हो जाएगा।
33 देशों में यूपीआई लागू
मंत्रालय के मुताबिक यूपीआई को पूरी दुनिया में पसंद किया जा रहा है। यही वजह है कि अब तक 33 देशों में भारत की यूपीआई तकनीक को लागू किया गया है। यूएई जैसे देश भी इससे प्रभावित होकर इसे अपने यहां शामिल कर चुके हैं।
