BHU के कैंसर पीड़ित अब महामना कैंसर संस्थान में करा सकेंगे जांच

वाराणसी  (मानवीय सोच)  बीएचयू अस्पताल में आने वाले कैंसर पीड़ित अब महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर संस्थान में पॉजिट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी (पीईटी) सीटी स्कैन सहित अन्य जांच करा सकेंगे। इसके लिए दोनों चिकित्सा संस्थानों के बीच समझौता हुआ है। तय हुआ कि बीएचयू में जो भी कैंसर पीड़ित आएंगे, वे चिकित्सक की सलाह पर सभी जांच करा सकेंगे, जो बीएचयू में नहीं हो पाएंगी। इसके लिए वे संबंधित विभाग से फार्म भरवाकर एमएस ऑफिस भेजेंगे। एमएस ऑफिस से इसे अग्रसारित करके कैंसर संस्थान भेजा जाएगा। इससे निर्धारित शुल्क पर ही जांच की सुविधा मिल सकेगी। 

होमी भाभा कैंसर अस्पताल और महामना कैंसर संस्थान के चौथे स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में कैंटाेंमेंट स्थित एक होटल में आयोजित समारोह में बीएचयू के कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन भी शामिल हुए। दोनों संस्थानों के बीच समझौते के बारे में कुलपति ने बताया कि कैंसर पीड़िताें के अलावा दूसरे मरीज भी महामना कैंसर संस्थान में उपलब्ध सभी जांच किफायती दाम पर करा सकेंगे, जो बीएचयू में नहीं होती हैं। इसमें टाटा मेमोरियल सेंटर मुंबई के निदेशक डॉ. आरए बडवे और होमी भाभा कैंसर अस्पताल के निदेशक डॉ. सत्यजीत प्रधान ने भी हिस्सा लिया। निदेशकों ने बताया कि कैंसर पीड़ितों की सुविधा के लिहाज से कई कदम उठाए जा रहे हैं। बीएचयू प्रशासन को भी साथ लिया गया है। जल्द ही सारी औपचारिकताएं पूरी कराई जाएंगी। बिहार के मुजफ्फरपुर के बाद भुवनेश्वर में नया कैंसर संस्थान बनाया जाएगा। इसकी तैयारी चल रही है। 

फीडबैक भी ले रहे, मरीजों के लिए बन रहा धर्मशाला
डॉ. बडवे ने बताया कि दूर दराज से आने वाले कैंसर पीड़ितों के लिए सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। फोन पर फीडबैक भी लिया जा रहा है। अगर कोई कमी मिलती है तो उसे दूर कराया जाता है।डॉ. सत्यजीत प्रधान ने बताया कि महामना कैंसर संस्थान परिसर में एक धर्मशाला भी बन रहा है। जहां 5-5 बेड वाली 40 डारमेट्री, 52 डबल बेड वाले कमरे भी है। जरूरत के हिसाब से नियमानुसार मरीजों, परिजनों को इसका आवंटन किया जाएगा। इसके अलावा किफायती दाम पर भोजन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

पुरुषों में मुंह, महिलाओं में स्तन कैंसर अधिक
निदेशक ने बताया कि पुरुषों के मुंह और महिलाओं के स्तन, गर्भाशय कैंसर के ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। अब तक वाराणसी के सेवापुरी, आराजी लाइन, काशी विद्यापीठ ब्लॉक में 70 हजार महिलाओं की निशुल्क जांच की गई है।

तेजी से बढ़े पीड़ित
कैंसर पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। 2018 में जहां 6,250 कैंसर पीड़ित आए थे, वहीं 2022 में संख्या बढ़कर 20,851 हो गई। 2023 में अब तक (जनवरी से फरवरी के तीसरे सप्ताह तक) नए मरीजों की संख्या 2552 पहुंच गई है। इसका मतलब है कि दिसंबर तक आंकड़ा और ज्यादा होगा। 2018 से अब तक कैंसर संस्थान में 74,277 पीड़ित पंजीकरण कराके इलाज करा रहे हैं।  अब 33 पीड़ितों का बोन मैरो ट्रांसप्लांट हो चुका है। 

कैंसर मरीजों आंकड़ा
                    2018    2019    2020        2021     2022       2023
पंजीकरण      6250    12292    14438    17894     20851    2552
सर्जरी           478        4098    6162       11583     12294    1709
कीमोथेरेपी    6376      25189    31455    44908     56373    8034
रेडियोथेरेपी    532         1153    2079       2354      3259       341

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *