अहमद का समझकर यूपी सरकार ने जो घर गिराया, वो ANI के पत्रकार का निकला!

यूपी  (मानवीय सोच)  उमेश पाल हत्याकांड में उत्तर प्रदेश सरकार की कार्रवाई चल रही है. कार्रवाई के नाम पर बुलडोज़र चलता है, सो चल रहा है. बुधवार, 1 मार्च को जेल में बंद माफ़िया अतीक अहमद के एक साथी की तीन मंज़िली इमारत को ज़मीनदोज़ कर दिया गया. लेकिन ट्विटर पर जानकारी आई कि जिस मकान को प्रशासन ने गिराया, वो अतीक़ के साथी का नहीं था. एक पत्रकार का है, जहां अतीक़ की पत्नी किराये पर रहती थीं.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, जिस शख़्स के घर को पहचान कर गिराया गया, उनका नाम ज़फ़र अहमद है. वो न्यूज़ एजेंसी ANI के रिपोर्टर हैं. बांदा से काम करते हैं. अतीक़ अहमद के वक़ील ख़ान सौलत हनीफ़ ने एक वीडियो जारी कर इसकी जानकारी दी है. उन्होंने बताया,

इस मामले में प्रशासन ने भी अपना पक्ष रखा. बांदा पुलिस ने प्रेस रिलीज़ में कहा कि वो मामले की जांच करेंगे. ज़िला पुलिस इस संबंध में सामने आ रहे तथ्यों का सत्यापन करेगी.

इस बुलडोज़र कार्रवाई के बाद प्रशासन 2 मार्च को भी अतीक़ के एक और ‘सहयोगी’ पर बुलडोजर कार्रवाई करने में जुटा है. प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने चकिया इलाके में ही सफ़दर अली नाम के शख्स की अवैध संपत्ति की निशानदेही की. सफ़दर अली कथित तौर पर पूर्व सांसद अतीक़ अहमद के हथियारों का सप्लायर है.

उधर, अतीक़ अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन ने हाई कोर्ट के चीफ़ जस्टिस और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर ज़फ़र अहमद के घर के ध्वस्तिकरण पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने घर में असलहा प्लांट किया, फिर उसकी बरामदगी दिखाई.

सूत्रों के हवाले से ख़बर ये भी चल रही है कि शूटआउट के बाद अतीक़ का बेटा असद, शूटर गुड्डू मुस्लिम और अरमान चकिया पहुंचे थे. रात बिताने के बाद बाइक से फ़रार हो गए. पुलिस लगातार माफ़िया अतीक़ अहमद के ठिकानों पर पुलिस की छापेमारी कर रही है. लखनऊ के यूनिवर्सल अपार्टमेंट में पुलिस टीम ने छापा मारा, जहां दो लग्ज़री कार बरामद हुईं. 

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