यूपी (मानवीय सोच) जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) प्रवीण कुमार तिवारी ने शनिवार को जिले के 63 परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान इन विद्यालयों में विभिन्न योजनाओं मिड डे मील, ऑपरेशन कायाकल्प,
निपुण भारत अभियान, छात्र एवं शिक्षक उपस्थिति, आधार नामांकन सहित अन्य योजनाओं की जांच की गई. जांच के दौरान एक विद्यालय बंद पाया गया, जिसमें कार्यरत सभी कार्मिकों का वेतन अग्रिम आदेश तक के लिए रोक दिया गया.
गैरहाजिर शिक्षकों से तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण तलब किया गया है. ऐसा न करने पर उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई शुरू होगी. जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कुल 18 शिक्षक, शिक्षिकाएं,
शिक्षामित्र और अनुदेशक विद्यालय से अनुपस्थित पाए गए हैं. जिनका निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाए जाने पर आज का वेतन / मानदेय अवरुद्ध किया जाता है और उनसे तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण तलब किया गया है. बीएसए के मुताबिक स्पष्टीकरण तीन दिन के अंदर नहीं देने पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू होगी.
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण सहित अन्य योजनाओं की विभागीय जांच जारी रहेगी. ऐसे में शिक्षक / शिक्षिकाएं समय से विद्यालय पहुंचकर बेहतर शिक्षण पर अपना विशेष ध्यान दें, जिससे विभागीय कार्रवाई से वह बच सकें.
बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि बंद उच्च प्राथमिक विद्यालय मोरहूं, सोरांव के इंचार्ज प्रधानाध्यापक का वेतन अवरुद्ध किया गया है और शेष कार्मिकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है.
शिक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि प्रदेश के बेसिक शिक्षा महानिदेशक (डीजी) विजय किरन आनंद ने सोमवार से सभी विद्यालयों में और चक निरीक्षण तेज करके सभी संचालित विभिन्न योजनाओं की जांच करके उनके प्रगत की रिपोर्ट मांगी है.
ऐसे में विद्यालयों का औचक निरीक्षण जारी रहेगा. सभी शिक्षक शिक्षिकाएं समय से विद्यालय पहुंचकर शिक्षण करें, जिससे कि उनको कोई परेशानी ना होने पाए और वह विभागीय कार्रवाई से बचें रहे.
