नई दिल्ली (मानवीय सोच) 100 करोड़ से अधिक की छात्रवृत्ति घोटाले के केस की विवेचना अब एसआईटी करेगी। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर कानून-व्यवस्था उपेंद्र अग्रवाल ने तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की है। तीनों इंस्पेक्टर क्राइम ब्रांच के हैं। जेसीपी खुद विवेचना का पर्यवेक्षण करेंगी।
इसमें दस संस्थानों व फिनो बैंक के अफसरों व कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया है। कुल 18 नामजद व अन्य अज्ञात आरोपी हैं। छह संस्थान लखनऊ व चार हरदोई जिले के हैं। आरोपी लखनऊ, हरदोई, फर्रुखाबाद, बाराबंकी, गाजीपुर व बदायूं के हैं। केस की वृहद विवेचना होनी है। इसलिए एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी के तीनों इंस्पेक्टर विवेचना करेंगे। ज्वाइंट सीपी खुद इसकी मॉनिटरिंग करेंगे। हर सप्ताह विवेचना की समीक्षा की जाएगी।
सुबूत जुटाने का काम हुआ तेज
केस दर्ज होने के बाद हजरतगंज थाने में तैनात इंस्पेक्टर प्रमोद पांडेय विवेचना कर रहे थे। उनकी तरफ से जिला समाज कल्याण विभाग को पत्र लिखकर सभी दस संस्थानों को दी गई छात्रवृत्ति का ब्योरा मांगा था। अब एसआईटी इन सभी तथ्यों को जुटाएगी। ईडी भी अपनी पूरी विस्तृत जांच रिपोर्ट जल्द एसआईटी को सौंपेगी। जिसमें घोटाले का एक एक साक्ष्य है। इससे एसआईटी को जांच में सहूलियत होगी।
