लखनऊ (मानवीय सोच) पिछले एक वर्ष में स्थापित होने वाले बीफार्मा व डीफार्मा संस्थानों की संबद्धता व अनापत्ति दस्तावेजों की जांच कराने का फैसला किया है। इसके लिए प्रदेश के सभी जिलों के लिए अलग-अलग जांच कमेटियों का गठन कर दिया गया है। अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री एसपी गोयल ने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि कॉलेजों की मानक के अनुसार संबद्धता व अनापत्ति की जांच करवाकर रिपोर्ट अपनी संस्तुति से भेजें।
सूत्रों ने बताया कि पिछले दिनों उच्च स्तर पर फार्मेसी संस्थानों की संबद्धता व एनओसी दिए जाने में मानकों को नजरंदाज किए जाने की शिकायत की गई थी। इसके बाद 2022-23 में एकेटीयू के स्तर से जारी की गई संबद्धता व 2023-24 के लिए शासन द्वारा जारी की गई एनओसी का सत्यापन कराने का फैसला हुआ। 2023-24 में कॉलेजों के संचालन के लिए शासन स्तर से एनओसी दी गई है, जिससे कि कॉलेज फॉर्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) के समक्ष मान्यता के लिए आवेदन कर सकें।
