लखनऊ (मानवीय सोच) बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर ना केवल भारत बल्कि दुनिया के सभी दमित, शोषित और वंचितों की आवाज हैं। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के लिए दुनिया का सबसे बड़ा संविधान बनाकर उन्होंने एक नये युग का सूत्रपात किया।
दुनिया में किसी भी पीड़ित को आवाज देनी हो बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर हमेशा प्रकाश पुंज के रूप में उदाहरण होते हैं। वंचितों का उत्थान अब केवल नारा नहीं है, बाबा साहेब का सपना आज धरातल पर साकार होता दिख रहा है।
ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को भारत रत्न बोधिसत्व बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती पर अंबेडकर महासभा की ओर से आयोजित कार्यक्रम के दौरान कही। इससे पूर्व उन्होंने हजरतगंज स्थित बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए उन्हें प्रदेश सरकार की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
बाबा साहेब ने वंचितों को अपनी आवाज की धार दी
अपने उद्बोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब ने दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित विश्विविद्यालय से उच्च शिक्षा की डिग्री हासिल की। इसके बावजूद उन्हें उन विकृतियों और सामाजिक कुरीतियों का सामना करना पड़ा, जो भारतीय समाज को सदैव कमजोर करती रही।
