वाराणसी (मानवीय सोच) बहुचर्चिच ज्ञानवापी से जुड़े एक ही प्रकृति के सात मामलों के एक साथ सुने जाने के मसले पर तीन मई को सुनवाई होगी। इस मामले में पहले 21 अप्रैल को जिला जज की कोर्ट में सुनवाई होनी थी। उस दिन अवकाश होने के कारण नहीं हुई। सोमवार को अधिवक्ता राजेंद्र सेठ के निधन से बार एसोसिएशन द्वारा शोक प्रस्ताव के मद्देनजर सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में अब सुनवाई की तिथि तीन मई तय की गई है।
ज्ञानवापी से जुड़े श्रृंगार गौरी वाद की महिला वादिनियों लक्ष्मी देवी, रेखा पाठक, सीता साहू व मंजू व्यास ने जिला जज की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर सात मामलों की सुनवाई एक साथ, एक ही अदालत में करने की मांग की थी। इसी पर जिला जज की अदालत ने बीते सोमवार को आदेश पारित किया था।
जिला जज ने आदेश में स्पष्ट किया है कि जब सभी मामले स्थानांतरित होकर जिला जज की अदालत में आ जाएंगे, तब देखा जाएगा कि सभी मामले एक साथ सुने जाने योग्य हैं या नहीं। 19 पेज के आदेश में कहा गया है कि जिन अदालतों में मामले लंबित हैं
