सीए, सीएस व कॉस्ट एकाउंटेंट्स भी अब मनी लांड्रिंग के दायरे में

लखनऊ (मानवीय सोच) बैंक घोटालों, फर्जी कंपनियों और जालसाज कारोबारियों का साथ देने वाले चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए), कंपनी सचिव (सीएस) और कॉस्ट एकाउंटेंट्स भी अब बच नहीं पाएंगे। वित्त मंत्रालय ने तीन मई को इससे संबंधित अधिसूचना जारी की है। इसके तहत मनी लांड्रिंग (पीएमएलए) में दोषी पाए जाने के बाद सात साल तक की जेल और संपत्तियों को सीज कर दिया जाएगा। काले धन को लेकर प्रोफेशनल्स के खिलाफ इतना सख्त प्रावधान पहली बार लाया गया है।

वित्त मंत्रालय के निदेशक (मुख्यालय) शशांक मिश्रा द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक काले धन, जालसाजी, धोखाधड़ी और मनी लांड्रिंग, हवाला में शामिल कारोबारियों का वित्तीय हिसाब रखने वाले सीए, सीएस और कॉस्ट एकाउंटेंट्स पर भी पीएमएलए के तहत कार्रवाई की जाएगी।

इस तरह फंसेंगे पेशेवर
अब अपने क्लाइंट्स की तरफ से कालेधन से खरीदी गई अचल संपत्ति की खरीद व बिक्री, उनके बैंक खातों का संचालन, उनके धन के लेन-देन, शेयर व अन्य संपत्तियों के प्रबंधन, कंपनियों के निर्माण, संचालन, प्रबंधन, लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (एलएलपी) फर्म और ट्रस्ट के गठन, कंपनियों की खरीद और बिक्री में संलिप्तता पाए जाने पर सीधे जेल भेजा जाएगा। 

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