लखनऊ (मानवीय सोच) राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेजों में अब अनुभव प्रमाण पत्र में फर्जीवाड़ा कर नौकरी पाने का मामला सामने आया है। यह आरोप आयुर्वेद विभाग के पूर्व निदेशक सहित 12 शिक्षकों पर लगे हैं। इसमें राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज वाराणसी की प्रधानाचार्य प्रो. नीलम गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है, जबकि अन्य की जांच शुरू हो गई है। खुलासा होने के बाद निदेशालय से लेकर आयुष विभाग तक में हलचल मची है।
दरअसल, राजकीय आयुर्वेद कॉलेजों में कई प्रोफेसरों एवं अन्य शिक्षकों के अनुभव प्रमाण पत्र फर्जी होने की शिकायत नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन (एनसीआईएसएम) में की गई है। इसमें आरोप लगाया गया है कि पूर्व निदेशक प्रो. एसएन सिंह,
राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज वाराणसी की प्रधानाचार्य प्रो. नीलम गुप्ता सहित राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज के 12 शिक्षकों ने गलत अनुभव प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी हासिल की है। इसमें पूर्व निदेशक प्रो. एसएन सिंह आयुष कॉलेजों में दाखिले में हुई हेराफेरी मामले में जेल में हैं और नीलम गुप्ता भी निलंबित हो चुकी हैं। उन पर अनुभव प्रमाण पत्र के साथ कई अन्य भी आरोप हैं।
