लखनऊ (मानवीय सोच) शहरी विकास के लिए गठित केंद्र सरकार की हाई लेबल कमेटी ने यूपी में सात डेवलपमेंट रीजन बनाने की सिफारिश राज्य सरकार को भेजी है। इसमें रीजनल प्लानिंग के तहत रिवर फ्रंट डेवलपमेंट व ग्लोबल गेटवे सिस्टम के विकास पर फोकस होगा।
रिवर डेवलपमेंट से आवास एवं रोजगार की समस्या हल की जाएगी। राजधानी में दो दिनी रीजनल प्लानिंग कॉन्क्लेव के अंतिम दिन शनिवार को कमेटी के चेयरमैन केशव वर्मा की ओर से ये सिफारिश राज्य सरकार को भेजी गई है। हालांकि केशव ने यह भी कहा है कि डेवलपमेंट रीजन सात की जगह छह भी हो सकते हैं।
केशव ने एनसीआर की तर्ज पर लखनऊ में स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) बनाने की सिफारिश की है। इसमें लखनऊ, कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, सीतापुर व हरदोई जिलों को शामिल करने का प्रस्ताव है। इसके अतिरिक्त छह अन्य डेवलपमेंट रीजन मेरठ, आगरा, वाराणसी, गोरखपुर, बरेली एवं झांसी में बनाने की सिफारिश की गई है। एससीआर का मुखिया मुख्य सचिव हो सकते हैं।
