लखनऊ (मानवीय सोच) जनजातीय कला का संरक्षण एवं संवर्द्धन करते हुए भावी पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुक्रवार को प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह की उपस्थिति में जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया तथा लोक एवं जनजाति कला एवं संस्कृति संस्थान (संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश) के मध्य एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया।
इस अवसर पर पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि दोनों संस्थान अपने अनुभव, क्षमता एवं दक्षता के माध्यम से जनजातीय कला को समृद्ध बनाने में एक-दूसरे के साथ समन्वय करेंगे। इसके अलावा जनजातीय समाज के गौरवशाली सांस्कृतिक विविधता को धरातल पर उतारेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को पुर्नजीवित करते हुए भावी पीढ़ी से साझा करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश का संस्कृति विभाग इसी दृष्टिकोण से लोक कलाओं को संरक्षित करने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि लोक कलाओं एवं कलाकारों के संरक्षण के लिए अब तक 4000 ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराए जा चुके हैं। लोककलाओं से जुड़े कलाकारों को विभिन्न अवसरों पर कार्यक्रम प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान किया जा रहा है एवं उनके पारिश्रमिक को सीधे उनके खाते में स्थानान्तरित किया जा रहा है।
