वाराणसी (मानवीय सोच) मुख्यालय पर चक्काजाम, सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने के 22 साल पुराने मामले में कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। वाराणसी की अदालत ने शनिवार को रणदीप सुरजेवाला के डिस्चार्ज आवेदन को खारिज कर दिया। इसके साथ ही गैर जमानती वारंट भी जारी किया।
इस मामले में प्राथमिकी रद्द करने की याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट में पहले ही खारिज हो चुकी है। कांग्रेस नेता के अधिवक्ता ने बताया कि सुरजेवाला का नाम प्राथमिकी में नहीं है। गिरफ्तारी प्रपत्र या फिर केस डायरी में भी नाम नहीं है। इसके बावजूद आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया। इसी आधार पर डिस्चार्ज आवेदन देकर उस मामले में डिस्चार्ज किए जाने का अनुरोध कोर्ट से किया गया था।
वाराणसी के बहुचर्चित संवासिनी कांड में कांग्रेस नेताओं को फर्जी ढंग से आरोपी बनाए जाने का आरोप लगाकर 21 अगस्त 2000 को युवा कांग्रेस के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष रणदीप सिंह सुरजेवाला और प्रदेश अध्यक्ष एसपी गोस्वामी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता आयुक्त कार्यालय परिसर में जबरदस्ती घुस गए थे।
