इंफाल : (मानवीय सोच) केंद्रीय गृह मंत्रालय ने रविवार को मणिपुर में हुई हिंसा की घटनाओं की वजह का पता लगाने के लिए तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया। इस आयोग की अध्यक्षता गौहाटी हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अजय लांबा करेंगे।
बता दें कि तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग को गृह मंत्रालय ने रिपोर्ट दाखिल करने के लिए छह माह का समय दिया है। इस अवधि में उन्हें तमाम कारणों का पता लगाना है।
अधिसूचना के मुताबिक, तीन मई और उसके बाद मणिपुर में अलग-अलग समुदायों के सदस्यों को निशाना बनाकर की गई हिंसा व दंगों के कारणों और उसके प्रसार की जांच आयोग करेगा। साथ ही हिंसा से जुड़े सभी तथ्यों और सिलसिलेवार हुई घटनाओं की जांच करेगा।
आयोग यह भी देखेगा कि क्या हिंसा और दंगों से निपटने या रोकने के लिए उठाए गए प्रशासनिक कदमों में किसी जिम्मेदार अधिकारी या व्यक्ति की ओर से कोई चूक या लापरवाही तो नहीं हुई थी।
