आगरा : (मानवीय सोच) यमुना में गंदगी फैला रही भैंसों को पकड़ने गई नगर निगम की टीम को शनिवार को जान बचाने के लाले पड़ गए। पहले बल्केश्वर घाट पर पथराव हुआ, फिर हाथी घाट पर दबंग पशुपालकों ने तमंचा लहराया। कर्मियों को दौड़ाकर पीटा। पकड़ी गई दो भैंसें भी छुड़ा ले गए।
पुलिस फोर्स पहुंचा। तब दोनों घाटों से 18 भैंस व गाय पकड़ी जा सकीं। पशुपालकों से करीब 2.85 लाख रुपये जुर्माना वसूला जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने यमुना में कूड़ा फेंकने, नाले बहाने और भैंसे नहलाने पर रोक लगाई है। 7 मई को अनुश्रवण समिति की बैठक में मंडलायुक्त अमित गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देकर प्रभावी कार्रवाई व जुर्माना वसूली के आदेश दिए थे। शनिवार सुबह 7 बजे नगर निगम ने अभियान शुरू किया।
एक टीम सुबह 9 बजे बल्केश्वर स्थित श्मशान घाट के पास यमुना में नहा रही भैंसों को पकड़ने लगीं। तभी पशुपालकों ने टीम पर पथराव कर दिया। टीम को दौड़ा लिया। टीम ने अन्य कर्मचारियों को बुलाया। फिर बल्केश्वर घाट से पांच भैंस व एक गाय कैटल कैचर (पशु पकड़ने का वाहन) में चढ़ाईं।
