कृषि विश्वविद्यालयों में बनेंगे टेस्टिंग लैब, जैविक व प्राकृतिक उत्पादों का होगा सत्यापन

लखनऊ : (मानवीय सोच) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद द्वारा किसानों के हित का ध्यान रखते हुए किये जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। मंडी शुल्क को न्यूनतम करने के बाद भी राजस्व से संग्रह में मंडियों का अच्छा योगदान है।

वित्तीय वर्ष 2021-22 में जहां 614 करोड़ रुपये की आय हुई, वहीं 2022-23 में 1520.95 करोड़ रुपये की आय हुई थी। वहीं वर्तमान वित्तीय वर्ष के पहले दो माह ने अब तक 251.61 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रहीत हो चुका है। मंडी शुल्क न्यूनतम होने के बाद भी मंडियों से राजस्व संग्रह में हुई बढ़ोतरी सराहनीय है। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के संचालक मंडल की 168वीं बैठक में कहीं।

इस मौके पर उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि फसलों को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए गुणवत्ता पूर्ण रोपण सामग्री, बागवानी फसलों के गुणवत्ता पूर्ण रोपण एवं रोग मुक्त बनाने के लिए आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज (अयोध्या) में टिशू कल्चर प्रयोगशाला की स्थापना की जाए। यह प्रयोगशाला कम से कम 03 हेक्टेयर के विशाल परिसर में स्थापित हो। इसके लिए धनराशि की व्यवस्था मंडी परिषद द्वारा की जाएगी।

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