लखनऊ (मानवीय सोच) सीएम योगी ने प्रदेश के बच्चों को देश के महापुरुषों, क्रांतिकारियों, स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक, इतिहासकार और देश की आजादी में अपने प्राणों को न्योछावर करने वाले महानुभावों से रूबरू कराने के लिए उनके पाठ्यक्रम में उनकी जीवन गाथा शामिल करने के निर्देश दिए थे, ताकि बच्चे देश के स्वातंत्र्य वीरों की शौर्यगाथा से परिचित हो सकें।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद से ही इन महापुरुषों के नामों को लेकर यूपी बोर्ड में लंबे समय से कवायद चल रही थी। इसको लेकर कुछ समय पहले यूपी बोर्ड के विषय विशेषज्ञों की ओर से महापुरुषों के नाम की सूची शासन को भेजी गई थी, जिस पर शासन की मुहर लगने के बाद यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम में विनायक दामोदर सावरकर समेत 50 महापुरुषों की जीवन गाथा शामिल करने का निर्णय लिया गया है।
यूपी बोर्ड ने नैतिक योग खेल एवं शारीरिक शिक्षा विषय में भी इन महापुरुषों की जीवन गाथा को शामिल किया है। इन महापुरुषों की जीवन गाथा, जुलाई से स्कूलों में शुरू होने वाली पाठ्यक्रम में शामिल होगी। यह विषय सभी विद्यालयों के लिए अनिवार्य किया गया है। छात्र छात्राओं को इस विषय में पास होना अनिवार्य है।
