लखनऊ : (मानवीय सोच) आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने समान नागरिक सहिंता की जरूरत और प्रासंगिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि पर्सनल लॉ ही नहीं सीआरपीसी और आईपीसी भी पूरे देश मे एक समान नहीं हैं। देश मे अलग-अलग कानून होने के बावजूद 75 सालों से देश चल रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समान नागरिक सहिंता को लेकर दिये गए बयान के बाद मंगलवार देर रात बोर्ड की ऑनलाइन बैठक में लीगल कमेटी की ओर से तैयार किए गए ड्राफ्ट पर चर्चा की गई। जिसमें तय किया गया कि दो दिन के बाद बोर्ड विधि आयोग में अपना पक्ष दाखिल करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि देश को दो कानूनों से नहीं चलाया जा सकता है। भाजपा विरोधी दलों ने मुसलमानों में समान नागरिक संहिता को लेकर भ्रम फैला रखा है। भाजपा कार्यकर्ता उनके पास तथ्यों के साथ जाएं और उन्हें समझाएं। पीएम मोदी द्वारा इस मुद्दे पर खुलकर बोले जाने के बाद पर्सनल लॉ बोर्ड ने शाम को इस मुद्दे पर आनलाइन बैठक की।
